CM साय ने किया श्रमिकों के लिए 3 बड़े ऐलान, 1.43 लाख कामगारों के खातों में पहुंची 51 करोड़ से ज्यादा की मदद

रायपुर, 17 सितंबर 2026। विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के लिए कई अहम फैसलों की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने, पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने और असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का ऐलान किया। इसी कार्यक्रम में 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की गई।

श्रमिकों के लिए शहरों में बनेंगे आधुनिक सुविधा केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले श्रमिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए शहरों में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रमिकों के बैठने, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना

काम के सिलसिले में रोज लंबी दूरी तय करने वाले पंजीकृत श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री ने ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि आसान आवागमन से श्रमिकों को समय और मेहनत की बचत के साथ उनकी आजीविका में भी मदद मिलेगी।

रिक्शा चालकों को अब 1 लाख रुपए की सहायता

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले रिक्शा चालकों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई। ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। इसका उद्देश्य पारंपरिक रिक्शा चालकों को आधुनिक वाहन अपनाने और स्वरोजगार को मजबूत करने में मदद करना है।

1.43 लाख श्रमिकों को मिली 51.32 करोड़ से अधिक की सहायता

श्रमिक महासम्मेलन में श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों की 26 योजनाओं के तहत 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि ट्रांसफर की गई। कार्यक्रम में अलग-अलग श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इनमें सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। पिछले ढाई वर्षों में श्रमिक कल्याण योजनाओं के जरिए एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है।

100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी

महासम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शा को रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने से पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। सरकार का प्रयास श्रमिक बहनों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराना है, जिनसे वे अपने परिश्रम के आधार पर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें।

श्रमिक परिवार की बेटी मनिंदर की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

सम्मेलन में श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1.75 लाख रुपए का चेक दिया गया। मनिंदर ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश हासिल किया है। अब उसकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे के सपने के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार योजनाओं का विस्तार कर रही है।

श्रमिक बहनों के साथ भोजन, परिवार का जाना हाल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आई श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिक महिलाओं से उनके काम, परिवार और बच्चों की पढ़ाई को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी ली कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।

हजारों श्रमिकों के साथ प्रज्ज्वलित किया ‘आशीर्वाद का दीया’

विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महासम्मेलन में मौजूद हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य श्रमिकों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने श्रमिकों से श्रम विभाग में पंजीयन कराने और पात्र योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर हुए इस महासम्मेलन में श्रमिक कल्याण, महिला स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फैसलों के साथ सरकार ने श्रमिक परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया।

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