लोकतंत्र हम कुछ नहीं करतेसिवाय उन गलियारों में झांकने केतमाम अधूरे प्रश्नों के बदलेसिर्फ...
साहित्य
हमारा प्रेम तुम्हारी घृणा तुम्हारी सारी चालाकियांधरी की धरी रह जाएंगीतुम देख लेनाहमारा प्रेम...
कीड़ा वह कीड़ा ही थाजिसने इंसान को तमीज़दारऔर रूतबेदार बनाया मसले कुचले जा रहेशोषित...
क्या तुम्हें याद है ! दोस्त ?जब जून की गर्म हवा के थपेडों ने...
स्त्री हूँ मैं………… मौन रह कर भी मुखर हूँ मैंजैसेपानी के भीतर जलजलाआग के...
जाने हैं हम, तुम कैसे थे, क्या हो गए, बताना क्यारस्मन आओ बोल-चाल लें,...
गिरगिट का सपना एक गिरगिट था। अच्छा, मोटा-ताजा। काफी हरे जंगल में रहता था।...
बसंती हवाहवा हूँ, हवा मैंबसंती हवा हूँ। न घर-बार मेरा,न उद्देश्य मेरा,न इच्छा किसी...
रत्ना मैडम की ड्रैस नीली साड़ी में है आज रत्ना मैडमनीली साड़ी को यदि...
अभी न होगा मेरा अन्त अभी-अभी ही तो आया हैमेरे वन में मृदुल वसन्त-अभी...
