जन सहयोग से जुटा 09 लाख, बदली पोड़ीबहार मुक्तिधाम की दशा

कोरबा 09 सितम्बर। वार्ड क्रमांक 29 पोड़ीबहार के मुक्तिधाम की बदहाली ने कुछ लोगों को द्रवित किया और बहुत सारे समाज को प्रभावित। आनन-फानन में इसकी दशा बदलने का विचार करने के साथ जन सहयोग से 8 लाख रूपए जुटाएं गए। प्रथम चरण में यहां कई प्रकार के काम कराएं गए है। जिस तरह से यहां की तस्वीर बेहतर हुई है उससे लोग चकित रह जाते है कि यह मुक्तिधाम है या कोई पर्यटन स्थल।

01 अगस्त को राजेश बसवतिया की माता का दाह संस्कार करने निहारिका व कोरबा के अग्रवाल समाज व अन्य समाज के लोग इस मुक्ति धाम में पहुँचे थे। वहाँ पर पसरी गंदगी व पूरे परिसर को अस्त व्यस्त व्वस्था को देख कर कुछ युवाओं को बहुत पीड़ा हुई। तत्काल वहाँ पर बैठे 4 युवाओं ने इस परिसर के कायाकल्प करने का संकल्प लिया और फिर अगले दिन से ही इस मुक्तिधाम में चारो सदस्यों ने इसका प्रारूप बना करे लोगो से सहयोग की अपील की। देखते ही देखते काफ़ी लोगो ने इसमें अपनी रुचि दिखाते हुए लगने वाले सामान व नक़द राशि की घोषणा शुरू कर दी अगले दिन से ही पूरा सिविल कार्य, गार्डन का कार्य, पानी टंकी व नलों का काम, पूरे परिसर के रंगरोगन का कार्य पूरी गति से शुरू हो गया प्रारंभिक कार्य में जयंत अग्रवालए सुनील जैन टोनी राध्येश्यम अग्रवाल पिंटू दियवानंद अग्रवाल डब्बू राजेश बसवतिया बल्लु व शंकर ने मिलकर इस कार्य को अंजाम देना चालू किया । इसके बाद एक समिति का निर्माण किया गया जिसे पॉडीबहार मुक्तिधाम सेवा समिति से नामांकित किया। तदोपरांत इस समिति में राजेश अग्रवाल आँचल राजेश अग्रवाल कंप्यूटर नितिन अग्रवाल चश्मा,प्रदीप अग्रवाल एएस के सेठएराजन बर्नवाल,बंटी चवलानी नीरज अग्रवाल व अशोक अग्रवाल को मिलाकर कुल 16 सदस्यों ने मिलकर कार्यों को पूर्ण रूप से संपादित किया।

समिति के सदस्यों ने बताया की मुक्तिधाम परिसर में दाह संस्कार के लिए लकड़ी व गोबर के कंडे परिसर में ही उपलब्ध करवाया गया है। अभी तक कुल 9 लाख रुपए व्यय कर परिसर में पानी, यूरिनल, स्वच्छ व सुन्दर गार्डन का निर्माण, शव हेतु ग्रेनाइट का स्टैंड, लोहे की गार्डर सब लगवा कर पूर्ण रूप से ये परिसर स्वच्छ वि सुंदर बना दिया गया है। समिति के सदस्यों ने ये भी बताया की आगे भी इस परिसर की पूर्ण देखभाल समिति करती रहेगी। लोगो से अपील भी की गई है की ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस पुनीत कार्य में सहभागी बने व हर तरह का सहयोग व अपने कुशल मार्गदर्शन समिति को देते रहे।

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