रजगामार सरपंच के निलंबन पर हाईकोर्ट का स्टे

कोरबा 26 जुलाई। उच्च न्यायालय बिलासपुर ने ग्राम पंचायत रजगामार की सरपंच श्रीमती रामूला राठिया को एसडीएम कोरबा के द्वारा जारी निलंबन आदेश पर स्थगन आदेश जारी किया है।

अनुविभागीय अधिकारी कोरबा श्रीमती सीमा पात्रे के द्वारा ग्राम पंचायत रजगामार की सरपंच श्रीमती रामूला राठिया पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाकर उनके विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए उन्हें निलंबित करने और स्थानापन्न सरपंच नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया था। इस मामले में रामूला राठिया के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से निलंबन की कार्यवाही किए जाने वाले आदेश को उच्च न्यायालय बिलासपुर मे अपने अधिवक्ता श्री अरविंद दुबे के माध्यम से रिट याचिका दायर किया गया था। याचिका को उच्च न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए सरपंच श्रीमती रामूला राठिया को राहत देते हुए अनुविभागीय अधिकारी कोरबा के द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश पर स्थगन आदेश जारी कर दिया गया है।

खास बात तो यह है कि अनुविभागीय अधिकारी कोरबा के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा को रजगामार सरपंच श्रीमती रामूला राठिया के निलंबन पश्चात स्थानापन्न सरपंच नियुक्त करने के संबंध में पत्र जारी किया गया था जिसके आधार पर आज रजगामार पंचायत में स्थानापन्न सरपंच नियुक्त करने की कार्यवाही किया जाना था। इसी बीच 1 दिन पहले ही 25/07/2023 को उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी कर दिया है। इस प्रकार से अब प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए स्थानापन्न सरपंच नियुक्त करने की कार्रवाई को रोकना पड़ेगा। इस विषय पर रामुला राठिया ने कहा है कि ” सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। ” मुझे उच्च न्यायालय पर पूरा विश्वास है। वह मेरे साथ इंसाफ ही करवाएंगे।

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