यात्रियों की बढ़ी परेशानी, तीन ट्रेनों में आरक्षण की सुविधा बंद

कोरबा 11 मार्च। कोविड के समय से कई रेलगाडिय़ों को बंद करने के बाद अब नई तरह की परेशानियां यात्रियों के लिए खड़ी की जा रही है। रेलवे के इस रवैये ने लोगों को दिक्कत में डाल दिया है। खबर यह है कि तीन एक्सप्रेस ट्रेन के लिए रिजर्वेशन की सुविधा 120 दिन पहले ही समाप्त कर दी गई। कोरबा जिले के यात्रियों को अब इन गाडिय़ों को पकडऩे के लिए उसलापुर जाना होगा। ऐसे में उनकी जेब और ढीली होगी। कई स्तर पर इसका विरोध शुरू हो गया है और इसकी आग कोरबा में लगना स्वाभाविक है।

जानकारी के मुताबिक लंबे समय से बिलासपुर होकर चलने वाली दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस, दुर्ग.जम्मू तवी और दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस की आरक्षण सूची से बिलासपुर का नाम रिमुव कर दिया गया है। एक मई से ये ट्रेनें बिलासपुर आने के बजाय सीधे उसलापुर जाएगी और वहां से आगे बढ़ेंगी। इसलिए अभी से ही इन ट्रेनों में संबंधित गंतव्य के लिए सफर करने वाले लोगों को बिलासपुर से आरक्षित टिकट नहीं दी जा रही है। कोरबा के रिजेर्वेशन काउंटर में आज टिकट लेने पहुंचे लोगों को यह जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए। मौके पर लोगों की रेलवे स्टाफ से काफी किचकिच हुई। रेल कर्मियों ने इस मामले में अपनी लाचारी जताई जबकि लोगों ने भड़ास निकाली। पता चला कि कई कारणों से रेलवे इन गाडिय़ों को बाइपास से निकालने की योजना में है। ऐसा क्यों किया जा रहा है इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कोरबा जिले में विभिन्न राज्यों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं जिन्हें अलग-अलग दिशा में यात्रा करने के लिए कुल मिलाकर बिलासपुर जाना होता है और जंक्शन स्टेशन से उनकी अगली यात्रा तय होती है। लोगों की आपत्ति इस बात को लेकर है कि वे अधिकतम 50 या 100 रुपए खर्च कर बिलासपुर पहुंच जाते हैं और रेलवे के नए निर्णय से उन्हें उसलापुर की 8 किमी की दूरी तय करने के लिए 200 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे में उनकी फजीहत होगी और जेब कटेगी। लोग चाहते हैं कि जिले के जनप्रतिनिधियों को रेलवे के इस अव्यवहारिक निर्णय का मुखरता से विरोध करना चाहिए ताकि हजारों यात्रियों को मई से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।

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