हैवी ब्लास्टिंग से घरों को पहुंच रहा नुकसान, ग्रामीणों ने की एसपी से शिकायत

कोरबा 27 फरवरी। खदान प्रभावित ग्राम पाली के ग्रामीणों ने कुसमुंडा प्रबंधन पर दबावपूर्वक घर की नापी, मकान खाली कराए जाने व हैवी ब्लास्टिंग कर घरों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए कहा है कि कुसमुंडा के अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रही है। खदान में समय-समय पर आंदोलन हो रहा है और अब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर से भी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत करने लगे है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2009-10 से भूमि खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है, न तो आज तक उचित मुआवजा दिया गया और नहीं रोजगार व बसाहट मिला। खदान गांव के नजदीक पहुंच चुकी है। महज 15 मीटर की दूर पर जमीन पर 400 होल कर बारूद भर कर ब्लास्ट किया जा रहा है। इससे गांव में स्थित घरों में पत्थर गिर रहे हैं और घर की दीवारों में दरार आ रही है। घर गिरने का भय ग्रामीणों में बना रहता है। गांव के आनंद कुमार, दिलहरण सारथी, जितेंद्र कुमार, बलराम यादव, सीमा शुक्ला, प्रिया शुक्ला, शिवकुमारी महंत, विष्णु यादव, अहिल्या यादव, ममता यादव, कुमारी बाई, नंदगोपाल यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि इसका जब विरोध किया जाता है तो एसईसीएल के अधिकारी झूठा पुलिस केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। यहां पदस्थ जनरल मैनेजर व अन्य अधिकारी गांव में आकर खाली करने की धमकी देते हैं।

Spread the word

You may have missed