कवर्धा में सनातन ध्वज फेंकने का मामलाः प्रशासन ने विहिप के प्रदर्शन को रोकने की घेराबंदी

कोरबा 12 अक्टूबर। प्रदेश के कवर्धा में सनातन ध्वज को हटाने के साथ फेंकने की घटना को लेकर मचे बवाल के बाद 100 से अधिक चिन्हित चेहरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इधर हर कहीं घटना को लेकर नाराजगी कायम है। विश्व हिंदू परिषद ने प्रदेश भर में जिला मुख्यालय पर आज रैली के साथ कलेक्टोरेट घेराव का ऐलान किया। इससे चिंतित प्रशासन ने कोरबा में कलेक्टोरेट जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। छह जिलों की पुलिस सुरक्षा के लिए बुलाने की खबर है। रूट डायवर्ट करने के चक्कर में सरकारी और निजी कार्यों को लेकर यहां वहां जाने वाले लोग आज जमकर परेशान हुए। जबकि एसडीएम कोरबा का कहना है कि परिवर्तित मार्ग से लोगों को सहूलियत दी गई है।

विहिप ने पहले ओपर थियेटर घंटाघर से रैली निकालने की बात कही थी जिसे बाद में परिवर्तित कर नेताजी चौक किया गया था। इसके लिए आज दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम घोषित था। पहले से चल रहे प्रचार-प्रसार और एक दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस संबंध में बातें स्पष्ट कर दी गई। बताया गया कि रात्रि 8 बजे तक नेताजी चौक के आसपास कोई खास हलचल नहीं थी। देर रात को यहां सभी रास्तों पर बेरिकेटिंग कर दी गई। यह व्यवस्था उन रास्तों पर भी की गई है जो कलेक्टोरेट की तरफ भी जाते हैं। ऐसे में घेराबंदी वाले क्षेत्र के लोग एक हिस्से में सिमट गए। कहा जा रहा है कि यह कोशिश लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की थी। इस तरह के काम से जरूरी कार्यों के लिए भी निकलने में लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। लेकिन प्रदर्शनकर्ताओं का कहना है कि वे अपनी योजना के अंतर्गत काम करेंगे ही। उधर जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव नूतन सिंह ठाकुर ने कहा है कि मंगलवार को व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं लेकिन शासकीय कार्यालय, अस्पताल, न्यायालय खुले हैं। इन स्थानों पर जाने वाले लोगों को परेशान करना अवैधानिक है। त्योहार के अवसर पर नाकेबंदी से आम लोगों में भय व्याप्त है।

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