दो प्रवक्ता पर FIR दर्ज, झूठी खबर व गलत वीडियो डालने का आरोप

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नोएडा, 15 अप्रैल — नोएडा में चल रहे श्रमिकों के प्रदर्शन के बीच मामले ने नया मोड़ ले लिया है। साइबर थाना पुलिस ने 14 अप्रैल को सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ वीडियो साझा करने के आरोप में प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव सहित कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शहडोल का 11 अप्रैल 2026 का पुराना वीडियो नोएडा का बताकर शेयर किया। इस वीडियो में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट दिखाए जाने का दावा किया गया था। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेक्टर-62 में आगजनी का एक फर्जी वीडियो भी फैलाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस सुनियोजित प्रयास का उद्देश्य नोएडा के नागरिकों में प्रशासन के प्रति डर और अविश्वास पैदा करना था। जांच में इस मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है। आरोप है कि दोनों नेताओं ने गलत वीडियो को नोएडा का बताकर साझा किया, जिससे अलग-अलग इलाकों में भय का माहौल बन गया।
अधिकारियों का कहना है कि इन पोस्ट्स के जरिए पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई। मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(बी) और आईटी एक्ट की धारा 66 व 66डी के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले पुलिस को प्रदर्शन से जुड़ी एक चैट भी मिली थी, जिसमें मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही गई थी। वहीं, लाठीचार्ज के बाद दोबारा इकट्ठा होने की अपील वाले ऑडियो ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
फिलहाल, पुलिस-प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। वायरल ऑडियो और चैट की सत्यता की जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन संदेशों के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है।

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