R.O. No. 13952/23
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कोरबा।(news action editor) नगर निगम में अनावश्यक कार्य का प्राक्कलन तैयार करने के मामले यह बड़ी कार्रवाई संभवत:पहली बार सामने आई है। निगम आयुक्त की इस कार्रवाई ने पूर्व आयुक्त के कार्यकालों पर भी सवालिया निशान लगा दिया है । निगम के वार्ड क्रमांक चार में सीसी रोड एवं नाली में कवरिंग का कार्य करने 49.54 लाख की निविदा निकाली गई। स्थल निरीक्षण किए बगैर प्राक्कलन तैयार किए जाने पर मामला गंभीरता से लेते हुए सहायक अभियंता एवं उप अभियंता को नोटिस जाकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं होने पर उप अभियंता को निलंबित कर दिया गया, जबकि सहायक अभियंता पर अभी कोई कार्रवाई की गई। इसके पहले भी कई प्रकरण हुए, पर कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। निगम के सहायक अभियंता डीसी सोनकर एवं उप अभियंता सुनील टांडेय ने वार्ड क्रमांक चार अंतर्गत खुशबू जनरल स्टोर से गांधी चौक एवं शिव मंदिर से नूर मोहम्मद के घर तक सीसी रोड एवं नाली में कवरिंग कार्य हेतु 49.54 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर निविदा जारी की थी। इसकी जानकारी होने पर आयुक्त राहुल देव ने वार्ड का भ्रमण किया। इस दौरान सीसी रोड एवं नाली निर्माण का कवरिंग कार्य की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। इस बार दो अधिकारियों को प्राक्कलन तैयार करने के बाद निविदा जारी करना महंगा पड़ गया। आयुक्त देव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी कर दिया। आयुक्त ने नोटिस में कहा कि ऐसा लगता है कि उक्त कार्य का प्राक्कलन को स्थल निरीक्षण किए बिना ही तैयार कराया गया है, क्योंकि कार्य की आवश्यकता नहीं दिख रही है। उन्होंने अधिकारियों से सकारात्मक उत्तर नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। जानकारों का कहना है कि चार नंबर वार्ड के खुशबु जनरल स्टोर से गांधी चौक व शिवमंदिर से नूर मोहम्मद घर तक सीसी रोड एवं नाली बनी हुई है। बावजूद सीसी रोड व कवरिंग कार्य हेतु निविदा जारी कर निगम के आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों  अब तक ऐसी कार्रवाई नजर नहीं आ रही थी । पूर्व आयुक्त के कार्यकालों में ऐसी गड़बड़ियो का आखिर जिम्मेदार कौन है ?

बेकाम की है नालियां
बारिश होते ही घंटाघर-बुधवारी मार्ग, आईसीआईसीआई बैंक के सामने, टीपी नगर चौक, लालूराम कालोनी, पावर हाऊस रोड शिव मंदिर से सुनालिया पुल व पुराना कोरबा में पानी भर जाता है। मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहता है। इन क्षेत्रों में बनाई गई नालियां औचित्यहीन साबित हो रही है। निगम के अधिकारियों की अदूरदर्शिता एवं चहेते तथा अनुभवहीन ठेकेदारों को काम दे दिए जाने के कारण नालियां बेकाम की साबित हो रही है। एक तरफ जहां शहर के इन इलाकों में पानी भर जाता है, वहीं कोहड़िया मानस नगर में बनाई गई नाली उत्कृष्ट मानी जा सकती है। नाली इस प्रकार से ढलान वाली बनी है कि पानी रूकता ही नहीं। कितनी भी बारिश हो इस नाली से पानी निकासी हो जाती है। इसी तरह की व्यवस्था अन्य इलाकों में भी किए जाने की जरूरत है। बेकाम की नालियां कहीं न कहीं बिना स्थल निरीक्षण की ओर भी इशारा कर रही है। इन मामलों में भी जांच की दरकार है।

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