रायपुर – छत्तीसगढ़ आज अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का अवसर है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बार का राज्योत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। छत्तीसगढ़ पहली बार लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है। इस सफलता में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को साकार करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली। राज्य बनने के बाद विकास की नई संभावनाओं के रास्ते खुले। सरकार अटल बिहारी वाजपेयी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
लाल आतंक से मुक्ति के बाद विकास पर जोर
सीएम साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव इसलिए भी खास है, क्योंकि प्रदेश अब लाल आतंक से मुक्त होकर आगे बढ़ रहा है। शांति और विश्वास का माहौल बनने से विकास की नई संभावनाएं तैयार हुई हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए वीर जवानों के योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रदेश उनके साहस और बलिदान को हमेशा कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।
हर गांव में खुशहाली और युवाओं को बेहतर अवसर देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना है। प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और जनशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हीं के आधार पर राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों पर गर्व करने का अवसर नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने प्रदेशवासियों से वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
