रायपुर – सड़कों पर गड्ढे होने के बाद अब मरम्मत के लिए टेंडर और बजट का इंतजार नहीं करना होगा। क्योंकि लोक निर्माण विभाग के आउटपुट एंड परफॉर्मेंस-बेस्ड रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहली बार पेट्रोल मेंटेनेंस यूनिट (पीएमयू) की तैनाती की जा रही है।
इसे ‘रोड एम्बुलेंस’ नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य सड़क पूरी तरह खराब होने का इंतजार करने के बजाय शुरुआती नुकसान को तत्काल ठीक करना है। गड्ढे, दरार, सड़क धंसने और शोल्डर कटने जैसी समस्याओं पर यह यूनिट 24 से 48 घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू करेगी।
कैसे काम करेगी रोड एम्बुलेंस?
- सड़क खराब होने से पहले इलाज सड़क पर छोटी दरार या गड्ढा दिखाई देने पर कोल्ड मिक्स, बिटुमिन सीलिंग और जरूरत के अनुसार मरम्मत की जाएगी। इससे बारिश का पानी सड़क की निचली परतों तक पहुंचने से रोका जा सकेगा। समय पर सुधार होने से सड़क के बड़े हिस्से को दोबारा बनाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
- मॉनसून में सबसे ज्यादा उपयोगी: बारिश में जलभराव, गड्ढे, कटे हुए शोल्डर और बंद पुलिया सड़क को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं। पेड़ गिरने या मलबा आने से यातायात भी बाधित होता है। ऐसी स्थिति में यूनिट मौके पर पहुंचकर प्राथमिक मरम्मत और जरूरी सफाई करेगी।
- वाहन में मिनी वर्कशॉप: यूनिट में 3 से 5 प्रशिक्षित कर्मचारी रहेंगे। वाहन में कोल्ड मिक्स, बिटुमिन इमल्शन, एग्रीगेट, सीमेंट, कंक्रीट मिक्स, प्लेट कॉम्पैक्टर, जैक हैमर, एयर कंप्रेसर, जनरेटर और वाटर पंप जैसे उपकरण उपलब्ध रहेंगे। जरूरत के अनुसार मलबा हटाने और पेड़ों की कटाई के उपकरण भी रखे जाएंगे।
- जीपीएस से निगरानी, फोटो से सत्यापन: वाहन में जीपीएस और डैश कैम के जरिए पेट्रोलिंग रूट और रिस्पॉन्स टाइम की निगरानी की जाएगी। मरम्मत से पहले और बाद की जियो-टैग्ड तस्वीरें काम के सत्यापन में मदद करेंगी। इससे यह जांचना आसान होगा कि शिकायत पर कार्रवाई हुई या नहीं।
बड़े खर्च से बचाने की कोशिश
इस गाड़ी से सड़क पूरी तरह खराब होने के बाद मरम्मत करने के बजाय नुकसान की शुरुआत में ही सुधार करना उद्देश्य है। इसकी सफलता समय पर मरम्मत, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर निर्भर करेगी।
अभी ट्रायल के तौर पर एक यूनिट चालू की जा रही है। इसे सिमगा से तिल्दा, खरोरा, कुरुद रूट पर 108 किमी रोड पर चलाएंगे। कहीं भी सड़क में खराबी दिखने पर मरम्मत करेगी। परफॉर्मेंस के आधार पर वाहन बढ़ाएंगे।
