जेल कैदी
R.O. No. 13952/23
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बिलासपुर –    बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बाद भी शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी।

जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया। इसके बाद बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा कर रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया।

बंदियों से बातचीत में सामने आई समस्या

पूर्व में केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण जेल से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।

इसके बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों की रिहाई के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे गए।

परिवार के बीच लौटने और नई शुरुआत का अवसर

शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब उन्हें अपने परिवारों के बीच लौटने और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि सभी 19 पुरुष बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

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