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नई दिल्ली।   एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को भारत ने बॉक्सिंग, आर्चरी और कुश्ती में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम बॉक्सिंग फाइनल में चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं आर्चरी में महिला रिकर्व टीम ने ऐतिहासिक गोल्ड अपने नाम किया, जबकि मिक्स्ड रिकर्व टीम को सिल्वर मेडल मिला।

लवलीना ने 5-0 से जीता फाइनल

महिला बॉक्सिंग के 75 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में लवलीना बोरगोहेन का मुकाबला चीन की जियी बाओ से हुआ। भारतीय मुक्केबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 के अंतर से जीत दर्ज की और भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया। एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग के इतिहास में यह भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले मैरी कॉम ने 2014 में गोल्ड जीता था।

महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास

आर्चरी में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम इवेंट का अपना पहला गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय टीम ने मुकाबले में शानदार संयम दिखाते हुए निर्णायक सेटों में बढ़त बनाए रखी।

मिक्स्ड रिकर्व टीम को सिल्वर

कुमकुम और धीरज बोम्मादेवरा की भारतीय मिक्स्ड रिकर्व टीम भी फाइनल तक पहुंची। गोल्ड मेडल के मुकाबले में भारत का सामना चीन से हुआ, जहां भारतीय टीम को 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारत के खाते में रजत पदक आया। आर्चरी में एक ही दिन भारत को गोल्ड और सिल्वर मिलने से पदकों की संख्या में इजाफा हुआ।

सुजीत कलकल ने पक्का किया मेडल

कुश्ती में पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राउंड में अफगानिस्तान के सैयद ओमर जाजई को 13-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद क्वार्टर फाइनल जीतकर उन्होंने भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया। अब उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने पर है।

कुश्ती में कुछ मुकाबलों में मिली हार

भारतीय पहलवानों के लिए दिन का हर मुकाबला एक जैसा नहीं रहा। महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग में दीपांशी को जापान की युई सुसाकी से 11-0 से हार मिली। वहीं 76 किलोग्राम वर्ग में प्रिया को किर्गिस्तान की मेदेत किजी ने 6-1 से हराया। पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग में रजत रूहल को कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेक के खिलाफ 8-3 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ खिलाड़ियों के पास रेपेचेज के जरिए पदक की दौड़ में बने रहने का मौका है।

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