बिजली का बिल बढ़ा या खपत ? स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली विभाग ने बताया पूरा गणित, विभाग का दावा—मीटर नहीं, ज्यादा बिजली उपयोग बढ़ाता है बिल ! रियल टाइम मॉनिटरिंग से उपभोक्ता खुद कर सकते हैं खर्च पर नियंत्रण…
रायपुर। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं। हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली की वास्तविक खपत दर्ज करता है, वह बिल नहीं बढ़ाता। विभाग के मुताबिक यदि बिल अधिक आया है तो इसके पीछे मुख्य वजह बिजली की बढ़ी हुई खपत और टैरिफ स्लैब में बदलाव है, न कि मीटर की तकनीक।
स्मार्ट मीटर क्या बदलता है?
विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खासियत पारदर्शिता है। अब उपभोक्ता महीने के अंत तक इंतजार करने के बजाय हर आधे घंटे में अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के जरिए रियल टाइम डेटा उपलब्ध होता है, जिससे बिजली उपयोग पर लगातार नजर रखना आसान हो जाता है।
बिल बढ़ने का असली कारण क्या है?
अधिकारियों के मुताबिक राज्य में बिजली की दरें निर्धारित स्लैब के अनुसार लागू होती हैं। जैसे-जैसे यूनिट की खपत बढ़ती है, उपभोक्ता अगले टैरिफ स्लैब में पहुंच जाता है और उसी अनुपात में बिल भी बढ़ जाता है। विभाग का कहना है कि इसका स्मार्ट मीटर से कोई सीधा संबंध नहीं है।
गर्मी ने बढ़ाई खपत
अप्रैल से जून के बीच प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ा। विभाग का मानना है कि इसी वजह से अधिकांश घरों की बिजली खपत बढ़ी और बिल भी अधिक आए।
400 यूनिट पर रखें नजर
स्मार्ट मीटर का एक व्यावहारिक लाभ यह भी है कि उपभोक्ता अपनी मासिक खपत पर लगातार निगरानी रखकर उसे 400 यूनिट के भीतर बनाए रखने की योजना बना सकते हैं। ऐसा करने पर राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ भी मिलता रहता है।
शिकायत है तो क्या करें?
विभाग ने बताया कि अब तक स्मार्ट मीटर से जुड़ी अधिकांश शिकायतों की जांच में मीटर सही पाए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर या बिल संबंधी कोई संदेह है तो वह विभाग की हेल्पलाइन 1912 पर संपर्क कर सकता है।
फैक्ट चेक
✔ स्मार्ट मीटर बिजली की वास्तविक खपत रिकॉर्ड करता है।
✔ बिल बढ़ने का मुख्य कारण अधिक यूनिट खपत और टैरिफ स्लैब है।
✔ ‘मोर बिजली’ ऐप से हर 30 मिनट में बिजली उपयोग देखा जा सकता है।
✔ 400 यूनिट के भीतर खपत रखने पर हाफ बिजली योजना का लाभ मिलता है।
✔ किसी भी शिकायत के लिए 1912 हेल्पलाइन उपलब्ध है।
