अदाणी फाउंडेशन के विकास की बुनियादी सुविधाओं से संवर रही कोरबा के गांवों की तस्वीर

कोरबा, 23 मई 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बीते एक वर्ष के दौरान बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। अदाणी पावर लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सौर ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव पताढ़ी, सरगबुंदिया, खोड्डल, ढनढनी, उरगा सहित लगभग दो दर्जन गांवों और 18 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों के जीवन में दिखाई देने लगा है।

शिक्षा और खेल सुविधाओं को मिला बढ़ावा

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 24 गांवों के 48 सरकारी स्कूलों में 4,200 स्कूल किट्स वितरित किए गए, जिनमें स्कूल बैग, नोटबुक और कंपास बॉक्स शामिल थे। साथ ही तीन गांवों के सात स्कूलों में छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिससे 800 से अधिक विद्यार्थियों और स्टाफ को लाभ मिला। इससे विशेष रूप से छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित हुआ है और उनकी उपस्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।

खोड्डले और रिश्दीहापारा क्षेत्रों में स्कूल, आंगनवाड़ी और पंचायत भवनों के आसपास मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया, जिससे सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और 4,000 से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिला। इसके अलावा 11 गांवों की 18 आंगनवाड़ियों में न्यूट्रिशन किचन, बैठक व्यवस्था और खेल सामग्री उपलब्ध कराकर सुविधाओं का विस्तार किया गया।

ग्रामीण युवाओं को खेल और सेना भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु एक स्थानीय खेल मैदान का समतलीकरण किया गया। वहीं 15 स्कूलों में खेल सामग्री किट्स वितरित की गईं, जिससे 1,500 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए। जून माह से कौशल विकास केंद्र में कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने की तैयारी है। साथ ही जवाहरलाल नेहरू विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए पांच ग्राम पंचायतों के 15 विद्यालयों में विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पताढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नवीनीकरण कर उसे एसी, डीप फ्रीजर और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। यह केंद्र अब आसपास के 18 गांवों के लगभग 31 हजार लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है।

इसके अलावा मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट के माध्यम से डॉक्टरों की टीम गांव-गांव पहुंचकर निःशुल्क उपचार और दवाइयां उपलब्ध करा रही है। बीते महीनों में 11,557 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 4,777 पुरुष और 6,780 महिलाएं शामिल हैं। 15 गांवों में आयोजित मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविरों में 2,741 लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी गई। वहीं विशेष विजन कैंपों के जरिए 2,080 ग्रामीणों और 1,000 विद्यार्थियों की आंखों की जांच की गई।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 57 सहायक उपकरण भी वितरित किए गए, जिनमें ट्राइसाइकिल, वॉकर, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और बैसाखियां शामिल हैं

अधोसंरचना और सौर ऊर्जा में सुधार

ग्रामीण क्षेत्रों की जलभराव और अंधेरी गलियों जैसी समस्याओं के समाधान के लिए भी कई कार्य किए गए हैं। सरगबुंदिया ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे नए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया गया, जिससे मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से 5,500 से अधिक ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

धंधानी में ‘अदाणी भवन’ नामक बहुउद्देशीय सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जो भविष्य में सामाजिक कार्यक्रमों, कौशल प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

इसके साथ ही 14 गांवों में 64 सोलर स्ट्रीट लाइटें और देवरामाल व कुदुरमई में दो हाई-मास्ट सोलर लाइटें स्थापित की गईं, जिससे 32 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित आवागमन और बेहतर रोशनी की सुविधा मिली। इससे स्थानीय व्यापारियों के कामकाज के समय में भी वृद्धि हुई है।

महिला एवं बाल विकास को मिला सहयोग

आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए बैठने की व्यवस्था, खेल सामग्री और न्यूट्रिशन किचन जैसी सुविधाओं के विस्तार से बच्चों की उपस्थिति और रुचि में बढ़ोतरी हुई है। इससे गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को मिलने वाली स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी हुई है।

अदाणी फाउंडेशन द्वारा किए गए ये प्रयास शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामुदायिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इन पहलों की सराहना की जा रही है।

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