पराली जलाने से कई एकड़ में फैली आग, पेड़-पौधे जले, बढ़ा प्रदूषण

कोरबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे कई एकड़ क्षेत्र में आग फैलने के साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। आग की वजह से खेतों के आसपास के पेड़-पौधे और हरी घास जलकर नष्ट हो रहे हैं, जिससे मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है।

हाल ही में ग्राम भैंसमा के एक खेत में पराली जलाने से लगी आग पेड़ों तक पहुंच गई, जिससे कई पेड़-पौधे जलकर राख हो गए। इसी तरह बरपाली, उमरेली और फरसवानी क्षेत्रों में भी पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जहां कई एकड़ क्षेत्र में आग फैल गई।

राज्य सरकार द्वारा पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है और इसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान है। निगरानी की जिम्मेदारी कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पंचायतों को दी गई है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में इस पर रोक नहीं लग पा रही है।

बताया जा रहा है कि पूर्व में चलाए गए ‘पैरादान’ अभियान के बंद होने के बाद पराली के उपयोग में कमी आई है। पशुपालन कम होने से किसान पराली को घर ले जाने के बजाय खेतों में ही जला देते हैं।

कृषि विभाग के उपसंचालक DPS Kanwar ने बताया कि किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण और जमीन की उर्वरता को नुकसान से बचाया जा सके।

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