कोरबा: RSS का ‘गृह संपर्क अभियान’ – 5 परिवर्तन …घर घर पहुंच रहे प्रमुख स्वयं सेवक .. जाने उद्देश्य

इस अभियान  के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 50 लाख घरों का लक्ष्य. रखा गया हैं…

कोरबा छत्तीसगढ़ 4दिसंबर:.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का ‘गृह संपर्क अभियान’ मुख्य रूप से संघ के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसके तहत स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। कोरबा जिला में भी आरएसएस के स्वयंसेवक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गृह संपर्क कर रहे हैं।

पांच परिवर्तन के साथ राष्ट्रीय संदर्भों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गृह संपर्क अभियान कोरबा जिले में 15 नवंबर से संचालित जो 1 जनवरी 2026 तक चलेगा । नगर से लेकर खंड और मंडल स्तर पर इसका क्रियान्वयन जारी है।

आरएसएस के प्रमुख स्वयं सेवक लक्ष्मीकांत जोशी, रामकिशोर श्रीवास्तव, संजय पांडे, एस आर साहु, दीपक पाठक, जगदीश प्रधान, रामसेवक राजपूत, सुनील मिश्रा, श्री राठौर रविशंकर नगर में लगातार इस अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

बता दे कि कोरबा नगर के पांच उपनगर के अलावा दीपिका और कटघोरा नगर, कोरबा जिले के 6 खंड और ग्रामीण क्षेत्र के कुल 76 मंडल में इस अभियान को गतिशीलता दी जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस कार्य को संपादित करने के लिए सैकड़ो टोलियां बनाई है जो अपने काम में प्रतिदिन लगी है।

बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष 2025 में पूरे हुए हैं। शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्य योजना बनाई गई है और विभिन्न आयाम पर कार्यों को शुरू किया गया है।छत्तीसगढ़ के लिए भी इस अभियान के तहत बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और 50 लाख घरों तक सीधा संपर्क स्थापित करना।

सामाजिक जागरण के अंतर्गत पांच परिवर्तन पर विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। व्यापक बदलाव लाने के साथ लोगों को राष्ट्र के प्रति अपने सरोकारों दिखाने के मामले में जागरूक कि या जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक घर में पहुंचकर भारत माता की तस्वीर और संघ से संबंधित संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण साहित्य उपलब्ध कराया जा रहा है।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य:

संघ का परिचय: स्वयंसेवक हर परिवार के साथ लगभग 15 मिनट बैठकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों, विचारों और उद्देश्यों के बारे में जानकारी देंगे।

पंच परिवर्तन का संदेश: समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निम्नलिखित पाँच विषयों पर संवाद स्थापित करना:

कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों का महत्व समझाना।

सामाजिक समरसता: समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना।

पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली

नागरिक कर्तव्य बोध

स्वदेशी का पालन

सामग्री वितरण: लोगों को संघ साहित्य और भारत माता का चित्र भेंट करना।

गलतफहमियाँ दूर करना: संघ के प्रति यदि कोई गलतफहमी है, तो उसे दूर करके सकारात्मक संवाद स्थापित करना।

संगठन का विस्तार: नए लोगों को जोड़ना और संघ की गतिविधियों की जानकारी देना।

यह अभियान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में संघ के इतिहास और सामाजिक कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का एक बड़ा प्रयास है।

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