रोज गुजरने वाली मालगाडियां अब शहर के यातायात तंत्र के लिए साबित हो रही सिरदर्द

शारदा विहार और टीपी नगर क्रांसिंग में दो घंटे तक परेशान रहे लोग

कोरबा 11 नवम्बर। एक ओर जहां उद्योगों की ऊँची चिमनियां कोरबा की पहचान को इंडस्ट्रियल हब के रूप में मजबूत कर रही हैं, वहीं इन्हीं उद्योगों की जरूरतें अब शहरवासियों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। कोयले की सप्लाई के लिए रोजाना गुजरने वाली मालगाडियां अब शहर के यातायात तंत्र के लिए सिरदर्द साबित हो रही हैं।

मंगलवार को इसका जीता-जागता उदाहरण उस समय देखने मिला, जब लगातार दो घंटे तक मालगाडियों के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। संजय नगर, शारदा विहार और ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन गुजरने के दौरान बार-बार फाटक बंद होने से लोग घंटों फंसे रहे।

शारदा विहार से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मुख्य मार्ग बाधित होने के बाद लोग जब वैकल्पिक रास्तों की ओर मुड़े तो वे भी वाहनों से पाट दिए गए। हालात यह रहे कि अंदरूनी गलियों तक में जाम फैल गया और लोग किसी तरह रास्ता निकालने की जद्दोजहद में एक-दूसरे से उलझते नजर आए। लोगों का कहना था कि जब भी मालगाड़ी क्रॉसिंग पर रुकती है, तो पूरे इलाके में यातायात ठप हो जाता है। कई बार आगे न बढ़ पाने की स्थिति में लोग अपनी गाडियां पीछे करने लगते हैं, जिससे दुर्घटनाएं और विवाद की नौबत तक आ जाती है। मंगलवार को भी इसी वजह से कई जगह बवाल जैसी स्थिति बनी रही।

स्थानीय निवासियों ने कहा कि उद्योगों से क्षेत्र का विकास हुआ, रोजगार के अवसर बढ़े, लेकिन इन मालगाडियों ने कोरबा की सडकों पर चलना मुश्किल कर दिया है। लोगों का कहना है, अब तो लगता है ये मालगाडियां विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि कोरबा के माथे पर कलंक बन गई हैं।रेलवे प्रशासन की भूमिका को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि बार-बार समस्या उठाने के बावजूद रेलवे अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। न तो जनसंपर्क अधिकारी स्पष्ट जवाब देते हैं, न ही क्षेत्रीय प्रबंधक या स्टेशन मास्टर। हर बार यही कहा जाता है कि संबंधित लाइन हमारी नहीं है, उद्योगों की है, उनसे संपर्क कीजिए।

शहरवासी अब यह मांग कर रहे हैं कि रेलवे और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कोई ठोस रणनीति तैयार करे, ताकि मालगाडियों के संचालन से शहर के यातायात पर पडने वाले दबाव को कम किया जा सके। लोगों का कहना है कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में कोरबा का आवागमन पूरी तरह से ठप्प हो जाएगा।

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