बड़ा खुलासा: जीएसटी अफसरों की लापरवाही से कलेक्ट्रेट परिसर में 34 टन विस्फोटक 24 घंटे तक खड़ा रहा, मचा हड़कंप

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्टेट GST विभाग के दो अफसर — प्रभाकर उपाध्याय और अनिमोह सिंह बासवार — की गंभीर लापरवाही से कलेक्ट्रेट परिसर में 34 टन अति ज्वलनशील विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट से भरा ट्रक करीब 24 घंटे तक असुरक्षित ढंग से खड़ा रहा। इस दौरान परिसर में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना रहा।

जानकारी के अनुसार, गुजरात से अमोनियम नाइट्रेट लोड कर कुसमुंडा जा रहा यह ट्रक बुधवार रात GST विभाग ने ई-वे बिल में गड़बड़ी की आशंका में रोक लिया था। इसके बाद ट्रक को कलेक्ट्रेट स्थित GST कार्यालय परिसर में लाकर खड़ा कर दिया गया। गुरुवार को पूरा दिन यह ट्रक वहीं खड़ा रहा, जबकि ट्रक में लदा माल अति ज्वलनशील और विस्फोटक श्रेणी का था।

वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी जानकारी
सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस संवेदनशील मामले की जानकारी दोनों GST अफसरों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, कलेक्टर या एसपी को नहीं दी। जबकि नियमों के अनुसार, इस तरह के विस्फोटक लदे वाहन की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देकर उसे सुरक्षित स्थान पर भेजना आवश्यक होता है।

ड्राइवर की बात नहीं सुनी गई
ट्रक चालक लगातार अधिकारियों को यह समझाने की कोशिश करता रहा कि ट्रक में अमोनियम नाइट्रेट लदा है और यह कोल माइंस में ब्लास्टिंग के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। ई-वे बिल में स्पष्ट रूप से लोड सामग्री का विवरण दर्ज था, फिर भी जीएसटी अफसरों ने बिना सुरक्षा उपायों के ट्रक को कलेक्ट्रेट में खड़ा कर दिया।

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