दीपका क्षेत्र में ठेका प्रबंधन पर उठने लगे सवाल, ठेका संगठन बोले-ठेका कार्यों में हो रही मनमानी, कंपनियों को हुआ करोड़ों का नुकसान

कोरबा 30 अगस्त। दीपका क्षेत्र में ठेका प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदार और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से ठेका कार्यों की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है, जिसके कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, पहले 2 लाख रुपये तक के सभी ठेका कार्य प्रोजेक्ट स्तर पर ही तय होते थे, लेकिन अब समस्त कार्यों की स्वीकृति एरिया स्तर पर ली जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता कम हुई है और मनमानी व कमीशनखोरी की आशंका बढ़ी है।

वहीं, गेवरा और कुसमुंडा जैसी देश की सबसे बड़ी कोयला परियोजनाओं में अब भी पुराना सिस्टम लागू है, जहाँ 2 लाख रुपये तक के कार्य प्रोजेक्ट स्तर पर ही निपटाए जाते हैं। लेकिन दीपका में सिस्टम बदले जाने से विरोध की आवाज तेज हो गई है।
कुछ कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि पिछले कुछ समयों में किए गए ठेका कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। संगठन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाए। इस मामले पर दीपका प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका।

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