गौरछापर क्षेत्र में 27 हाथियों ने जमाया डेरा, दहशत में ग्रामीण

कोरबा 05 जुलाई। कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ऐतम नगर रेंज के गौरछापर क्षेत्र में 3 जुलाई की रात से 26 से 27 हाथियों का दल डेरा जमाए हुए है। भारी संख्या में हाथियों की मौजूदगी से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीण पूरी रात सतर्कता और भय के वातावरण में समय बिता रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और ड्रोन कैमरों व टॉर्च की मदद से दल की गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए है।

विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है तथा गावों से दूर रहने की अपील की गई है। कुछ क्षेत्रों में हाथियों को जंगल की ओर खदेडने का भी प्रयास जारी है। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या बिजली आपूर्ति को लेकर सामने आ रही है। हाथियों के संभावित खतरे के मद्देनजर विद्युत विभाग द्वारा एहतियातन रात में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को विवश हैं। इससे लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह इलाका पूर्व में भी हाथियों के विचरण का मार्ग रहा है, परंतु इस बार इतने बड़े दल का एक साथ डेरा डालना असामान्य स्थिति है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा है कि समय रहते समुचित कदम नहीं उठाए गए तो जन-धन की हानि से इनकार नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बीते वर्षों में हाथियों का उत्पात गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। फसलों को नुकसान, मकानों की तोडफोड़ और जनहानि की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों के लोग स्थायी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जहां गौरछापर के लोग दहशत में रात बीता रहे हैं वहीं पसान रेंज के बनिया तथा जटगा में भी हाथियों का आतंक जारी है। यहां के जंगलों में 19 की संख्या में हाथी विचरण कर रहे हैं जिनमें से 14 हाथी जटगा तथा पांच बनिया में सक्रिय हैं, जिनके चलते ग्रामीणों में भय बना हुआ है।

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