
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों का ऐलान होते ही सियासी माहौल गरम हो गया है। जहां एक ओर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक सनसनीखेज खबर तिल्दा से आई है, जहां नामांकन भरने से पहले ही एक प्रत्याशी का अपहरण कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि यह अपहरण फिल्मी स्टाइल में हुआ। आरोपियों ने तिल्दा के जनपद कार्यालय में प्रवेश करने के बाद प्रत्याशी योगेश दास गुरु गोसाई को पकड़कर अपने साथ ले गए। योगेश दास, जो पचरी निवासी हैं, पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जनपद कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही वह कार्यालय में पहुंचे, कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन्हें अपहरण कर लिया और फरार हो गए।
यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि पिछले कई वर्षों से इस पंचायत में कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ था, लेकिन इस बार योगेश दास ने चुनाव लड़ने का मन बनाया था। इसके बाद ही यह अप्रत्याशित घटना घटित हो गई। हालांकि, घटना के बाद आरोपियों ने योगेश दास को रायपुर में छोड़ दिया और फरार हो गए। इस घटना के बाद तिल्दा क्षेत्र में राजनीति का तापमान और भी बढ़ गया है।
इतना ही नहीं, इस घटना को लेकर तिल्दा जनपद उपाध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे पर गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यह आरोप है कि टिकेश्वर मनहरे ने ही योगेश दास का अपहरण करवाया, ताकि वह चुनावी प्रक्रिया में बाधा डाल सकें। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने तिल्दा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और मामले की जांच की मांग की है।
यह मामला अब चुनावी हलचल के बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है और यह देखना होगा कि आगे आने वाले दिनों में इस घटना का क्या असर पड़ता है।

