हरित महाकुंभः जिले से प्रयागराज भेजी गई 1775 थाली और इससे ज्यादा थैले

कोरबा 23 दिसम्बर। हर 12 वर्ष में कुंभ के आयोजन की परंपरा है। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में वर्ष 2025 में महाकुंभ हो रहा है। 13 जनवरी से इसकी शुरुआत होगी और 26 फरवरी को समापन। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और इस दौरान संभावित पर्यावरणीय संकट को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कोशिश की जा रही है। कोरबा जिले के जागरूक लोगों ने इसमें रूचि ली। उनके द्वारा प्राप्त 1775 थालियों और 1877 थैलों को प्रयागराज भेज दिया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विभाग ने इस जिम्मेदारी को अखिल भारतीय स्तर पर हाथ में लिया है। कोशिश है कि महाकुंभ जैसे विराट आयोजन का प्लास्टिक के कचरे से मुक्त बनाया जाए और निर्मल अविरल गंगा एवं उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में यथोचित प्रयास हो। इस इरादे से एक थाली एक थैला अभियान शुरू किया गया। कोरबा जिले में शुरुआती स्तर पर सामाजिक संगठनों से पहल कर 1775 थालियां और इससे एक सैकड़ा ज्यादा थैले एकत्र किए गए। इनरव्हील क्लब, बंग समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, पूर्वांचल समाज, श्रीवास समाज, महिला मंडल पुष्पलता उद्यान, महिला मंडल राजेंद्र प्रसाद नगर, श्रेष्ठ सिंह ठाकुर, अशोक मोदी एवं सहयोगी, योगेश जैन एवं सहयोगी, मिथलेश दुबे, पर्यावरण गतिविधि और अन्य सहयोगियों के द्वारा इस अभियान में भागीदारी करते हुए उपरोक्त सामाग्री प्रदान की गई। महाकुंभ 2025 के लिए इन्होंने इस अभियान में हिस्सा लेते हुए दूसरों को भी प्रेरित किया कि वे अपने क्षेत्रों से सहयोग करने के लिए आगे आएं। पूजा अर्चना के साथ उपरोक्त सामाग्री को प्रयागराज में आयोजन समिति के पास भेज दिया गया। स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठनों से सामाग्री प्राप्त करने में विभाग संघचालक सत्येंद्रनाथ दुबे, प्रांत जनसंवाद प्रमुख व विभाग संयोजक शैलेंद्र नामदेव, जिला संयोजक कैप्टन मुकेश अदलखा तथा नगर संघचालक अशोक तिवारी की भूमिका रही।

Spread the word

You may have missed