NEW DELHI, INDIA - MARCH 12: Union Cabinet Minister of Road Transport and Highways Kamal Nath at the India Today Conclave in New Delhi on March 12, 2010. (Photo by Shekhar Yadav/The India Today Group via Getty Images)

दिल्ली हाईकोर्ट ने SIT से मांगा स्टेटस रिपोर्ट, 6 दिसम्बर को सुनवाई
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में कथित भूमिका के लिए कांग्रेस नेता कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर एसआईटी को अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का समय दे दिया है. जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने 27 जनवरी 2022 को नोटिस जारी किया था. याचिका बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने दाखिल किया है. मामला 3 नवंबर 1984 का है, जिसमें कमलनाथ पर आरोप है कि वे दिल्ली के गुरुद्वारा रकाब गंज पर हमला कर रही भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे. गुरुद्वारा रकाब गंज पर हुए हमले में दो सिखों को जिंदा जला दिया गया था.
याचिका में मनजिंदर सिंह सिरसा ने मांग की है कि कमलनाथ के खिलाफ दर्ज एफआईआर में एसआईटी कार्रवाई करे. गुरुद्वारा रकाब गंज पर हमले के मामले में कमलनाथ के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है, जो कमलनाथ के घर में छिपे थे.
संसद मार्ग थाने में दर्ज एफआईआर में नामित सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया और कमलनाथ के नाम का एफआईआर में कभी भी उल्लेख नहीं किया गया. बता दें, एसआईटी ने 2019 में सिख विरोधी दंगों के उन मामलों को दोबारा खोलने का फैसला किया था, जिनमें या तो दोषी बरी कर दिए गए थे या ट्रायल बंद कर दिया गया था. एसआईटी के इस फैसले के बाद मनजिंदर सिंह सिरसा ने कमलनाथ को भी बतौर आरोपी बनाकर मुकदमा चलाने की मांग की है.
