कोरबा 14 सितंबर। कोरबा जिले में नाबालिग को बहला-फुसला अपहरण कर ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने के आरोप में कथित आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा से न्यायालय ने दंडित किया गया है।

जानकारी के अनुसार कथित आरोपी पर आरोप हैं कि कोतवाली थाना क्षेत्र की एक नाबालिग पीड़िता को अपहरण कर विवाह करने के लिए विवश करने के आशय से शहर से अन्यत्र ले जाकर एक से अधिक बार बलात्संग किया। इस संबंध में पीड़िता की माता ने थाना कोतवाली में पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान गवाहों के कथन के आधार पर पीड़िता को कथित आरोपी के कब्जे से पठानकोट में बरामद किया। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराने पर चिकित्सक ने उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित होने की पुष्टि की।

विशेष न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी (पाक्सो) डॉ. ममता भोजवानी के द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं दस्तावेजों का अवलोकन करने के पश्चात् न्यायालय में यह पाया गया कि कथित आरोपी ने नाबालिग पीड़िता को उसके माता-पिता या वैध संरक्षक के सहमति के बिना ले जाकर अपहरण करने, पीड़िता को नाबालिग होना जानते हुए उसके साथ बलात्सँग करने का दोषी है। उसको इस विशेष न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी के द्वारा धारा 366, आईपीसी में 7 वर्ष एवं 3000 रुपए अर्थदंड, धारा 376 (2) (1) 376 (3) आईपीसी एवं पाक्सो अधिनियम की धारा 5 (8) सहपठित धारा 06 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए का अर्थदंड से दंडित किया गया है। साथ ही न्यायालय के द्वारा अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रदान करने का भी निर्णय पारित किया गया है। इस प्रकरण में अरुण कुमार ध्रुव विशेष लोक अभियोजक के द्वारा अभियोजन की ओर से पैरवी की गई।

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