रायपुर। सदर बाजार के सराफा कारोबारी से 1.88 करोड़ रुपए की ठगी करने वाली फर्जी निगम कर्मी किरण साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी सहेली योगिता फरार है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों ने मिलकर करीब एक दर्जन लोगों से ठगी की है।
फिलहाल कुछ पीड़ित सामने आए हैं, जबकि अन्य लोगों के भी शिकायत लेकर पहुंचने की बात कही जा रही है। पुलिस ने किरण को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सरोरा निवासी किरण साहू (28) गृहिणी है। उसका पति गोपाल साहू ड्राइवर है। किरण सरोरा, गोगांव और गुढ़ियारी इलाके में नेतागिरी करती थी। वह नेताओं के बंगलों में भी बैठती थी।
इसी दौरान वह सदर बाजार स्थित कारोबारी रिखब बरडिया की विधि ज्वेलर्स एंड बुलियन पहुंची। उसने खुद को नगर निगम के आवास विभाग का कर्मचारी बताया।
37 लाख का सोना खरीदकर कारोबारी का भरोसा जीता
किरण 24 अगस्त को विधि ज्वेलर्स पहुंची और 37 लाख रुपए का सोना खरीदा। इसके बदले 250 ग्राम सोने का बिस्किट और 7 लाख रुपए नकद दिए। बाकी 15 लाख रुपए के लिए चेक देकर कारोबारी का भरोसा जीत लिया। इसके बाद 26 अगस्त को वह अपनी साथी योगिता के साथ फिर दुकान पहुंची। दोनों बड़ी मात्रा में सोने, चांदी और हीरे के जेवर लेकर गईं।
भुगतान के लिए 15 लाख और 1.73 करोड़ रुपए के दो चेक दिए। साथ ही सोने के बिस्किट लाकर बाकी भुगतान करने का भरोसा दिलाया। 1 सितंबर को 15 लाख रुपए का चेक गलत हस्ताक्षर के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद कारोबारी को ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत की। पुलिस अब किरण से ठगे गए जेवरों की बरामदगी और अन्य पीड़ितों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में फरार योगिता की तलाश जारी है।
रायपुर-बीरगांव के निगम दफ्तरों में बैठती थी, ठगे गए लोग उसे कर्मचारी समझने लगे
राजधानी में 12वीं पास महिला ने अपनी बातचीत और निगम में पहचान का हवाला देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया। किरण साहू पहले नेताओं के आगे-पीछे घूमती थी। बाद में रायपुर और बीरगांव नगर निगम के दफ्तरों में बैठने लगी। इसके बाद खुद को निगम के आवास विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को सस्ते में हाउसिंग बोर्ड का मकान दिलाने का झांसा देने लगी।
गुढ़ियारी के दो लोगों से फ्लैट दिलाने के नाम पर उसने 40.50 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद उसने सराफा दुकानों से सोने के आभूषण लेने और उन्हें गिरवी रखकर दूसरी दुकान से और सोना हासिल करने का तरीका अपनाया। इस तरह बिना अपनी पूंजी लगाए करीब 1.83 करोड़ का सोना जुटाने का मामला सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, वह सोना बेचकर आलीशान मकान खरीदने की तैयारी में थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वह ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है। उसके पकड़े जाने के बाद गुढ़ियारी में 31.50 लाख और 9 लाख रुपए की ठगी के दो मामले दर्ज किए गए हैं। कुछ अन्य थानों में भी उसके खिलाफ शिकायतें आई हैं।
लोगों का भरोसा जीतने निगम दफ्तर में बुलाती थी
किरण लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें नगर निगम के दफ्तर में बुलाती थी। वहीं उनसे मुलाकात और बातचीत करती थी। इससे लोगों को लगता था कि उसकी निगम में अच्छी पहचान है और वह मकान दिलवा सकती है। उसकी सहेली योगिता उसके सहायक की तरह साथ रहती थी।
पुलिस को आशंका है कि दोनों ने मिलकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। जांच में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। पुलिस किरण के ड्राइवर पति गोपाल साहू की भूमिका की भी जांच कर रही है।
