नई दिल्ली, 10 मई 2026।आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पाने के लिए लोग तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में दावा किया गया है कि हर चार में से एक व्यक्ति हेल्थ से जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए AI का सहारा ले रहा है। बीमारी के लक्षण, डाइट प्लान, दवाइयों और मानसिक स्वास्थ्य जैसी जानकारियों के लिए लोग अब AI प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं।तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ इंटरनेट और AI टूल्स लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। हेल्थ से जुड़ी जानकारी तुरंत और आसान भाषा में उपलब्ध होने के कारण AI का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर युवा वर्ग और नियमित इंटरनेट उपयोगकर्ता स्वास्थ्य संबंधी सवालों के लिए AI का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।Hematology Advisor में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, लोग बीमारी के शुरुआती लक्षण समझने, डाइट संबंधी सुझाव लेने और दवाओं की सामान्य जानकारी हासिल करने के लिए AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। AI से तुरंत जवाब मिलने और सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध होने को इसकी लोकप्रियता की बड़ी वजह माना जा रहा है।हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में केवल AI पर पूरी तरह निर्भर रहना सुरक्षित नहीं है। AI सामान्य जानकारी तो दे सकता है, लेकिन हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। कई बार AI अधूरी या गलत जानकारी भी दे सकता है, जिससे गलत दवा या इलाज का खतरा बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी गंभीर बीमारी, मेडिकल टेस्ट या दवा से जुड़ा निर्णय डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। AI से मिली जानकारी को केवल सामान्य मार्गदर्शन के रूप में ही इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। केवल इंटरनेट या AI की जानकारी के आधार पर खुद इलाज शुरू करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। साथ ही लोगों को भरोसेमंद स्रोतों से ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने और किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की सलाह दी गई है।


