सुपर माइंस कैटेगरी में जिले के गेवरा, कुसमुंडा, दीपका कोयला खदान

कोरबा 30 जून। सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कोल इंडिया की सुपर माइंस कैटेगरी में एसईसीएल की गेवरा खदान शीर्ष पर है। जबकि दूसरे व तीसरे नंबर पर क्रमशरू कोरबा जिले में ही संचालित एसईसीएल की कुसमुंडा व दीपका की खदान है।

हालांकि एमसीएल की सर्वाधिक 13 खदानों ने सुपर माइंस कैटेगिरी में जगह बनाने में सफल रही है। वहीं एसईसीएल की कुल 5 खदानों को सुपर माइंस श्रेणी में जगह मिली है। 35 प्रमुख कोल माइंस की सूची कोल इंडिया ने जारी की है, जो कोयला उत्पादन के आधार पर है। साथ ही माइंस संचालन की कुशलता भी देखी जाती है। कोल इंडिया के कुल उत्पादन में 73 फीसदी योगदान देने पर सुपर 35 कोल माइंस में एसईसीएल की गेवरा, कुसमुंडा व दीपका के साथ ही कोरबा एरिया की मानिकपुर माइंस और रायगढ़ एरिया की छाल खदान शामिल है। कोल इंडिया की जारी सुपर 35 माइंस कैटेगरी में एनसीएल की 8, सीसीएल की 4, ईसीएल और बीसीसीएल की दो और डब्ल्यूसीएल की एक खदान भी शामिल है।

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