लंबित मांगें पूर्ण नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन करेगी बीएमएस

कोरबा 01 अगस्त। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुरानी पेंशन बहाली, संविदा नियमितीकरण समेत छह प्रस्ताव को पूर्ण नहीं किया जाता है तो पुनरू आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।

महासंघ की नई कार्यकारिणी गठन के बाद पहली बार बैठक आयोजित की गई। इस दौरान अध्यक्ष बीएस राजपूत ने अध्यक्षता की। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के महामंत्री नरोत्तम धृतलहरे एवं अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के कार्यसमिति सदस्य अरुण देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही पदाधिकारियों व कार्यसमिति सदस्यों ने एक स्वर में राज्य सरकार व कंपनी अध्यक्ष से हुई चर्चा अनुसार कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कैशलेस चिकित्सा के संबंध में अध्यक्ष राजपूत ने बताया कि कैशलेस मेडिकल में प्रति परिवार पांच सौ रूपये में पांच लाख तथा एक हजार रूपये में 10 लाख तक मेडिकल कवर दिया जाएगा। जो नियमित और पेंशनर्स दोनों के लिए लागू होगी।

इसमें वर्तमान और पुरानी दोनों बीमारियों का इलाज किया जाएगा और कंपनी के चिकित्सकों के रेफर की आवश्यकता नहीं होगी। छत्तीसगढ़ के लगभग दो सौ व छत्तीसगढ़ के बाहर के बड़े स्पेशलिटी हास्पिटल को इलाज के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इसी प्रकार अनुपम अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए 10 हजार की डिप्रेशन की सीमा को हटाकर पांच हजार की डिप्रेशन का आदेश जारी कर दिया गया है। बैठक में महासंघ की लंबित मांगों आइटीआइ डिप्लोमाधारकों टीए व टीडी कनिष्ठ अभियंता बनानेए ठेका मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा तथा वेतन पुनरीक्षण में कंपनी प्रबंधन द्वारा शीघ्र निर्णय नहीं लेने पर आगामी माह में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

संगठन मंत्री शिवेंद्र दुबे द्वारा संगठन को डिजिटल तथा आधुनिक तकनीकी से मजबूत करने का सुझाव दिया। बैठक में महामंत्री नवरतन बरेठ, उत्पादन कर्मचारी संघ के महामंत्री सुरेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्णिमा साहू, प्रदेश मंत्री यशवंत राठौर, कार्यसमिति सदस्य मदन मोहन पांडेय शामिल रहे। संचालन महामंत्री नवरतन बरेठ व कार्यकारी अध्यक्ष संजय तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।

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