कबीरधाम – सीएम हेल्पलाइन 1076 में की जा रही शिकायतों के निराकरण के साथ ही लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कबीरधाम जिला रहेगा।
वहीं, बंटवारा आदेश के बाद भी राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। इसी तरह सक्ती की एक राशन दुकान में शक्कर का निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे लेने की शिकायत मिलने पर उन्होंने अफसरों से कहा सभी ग्रामीणों से लिए गए अतिरिक्त पैसे उन्हें वापस दिलाएं।
मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में करीब तीन माह में अलग-अलग तरह 2 लाख 31 हजार शिकायतें आईं। इनमें से करीब 2 लाख का निराकरण कर दिया गया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का निराकरण किए बिना उन्हें पूरी बताने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इसकी पड़ताल के लिए अचानक किसी भी शिकायतकर्ता को फोन लगाकर पूछा जाएगा कि उसकी समस्या वास्तव में सुलझी या नहीं। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अफसर के साथ पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर के सीबीडी बिल्डिंग स्थित सीएम हेल्पलाइन 1076 के कार्यालय पहुंचे और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों के कलेक्टरों से जुड़कर राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, पेयजल और बिजली समेत विभिन्न विभागों की शिकायतों की प्रकरणवार समीक्षा की।
बंटवारा आदेश पारित, रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कबीरधाम पिपरिया तहसील के छबील पाली से बैठक के दौरान ही फोन पर बात की। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2025 में सीमांकन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह बिलासपुर पचपेड़ी तहसील के ग्राम कुकुलकाल में व्यास नाम के ग्रामीण ने बताया कि 2023 को बंटवारा आदेश पारित हो चुका था। इसके बावजूद आठ खसरों में से एक में तकनीकी त्रुटि के कारण रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हुआ।
- गरियाबंद: मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से 80 से 85 परिवारों की बिजली की सप्लाई बाधित थी। हेल्पलाइन पर शिकायत के करीब एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगने से बिजली बहाल हो गई।
- जशपुर: बगीचा विकासखंड के वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलने से मकान निर्माण प्रभावित हो रहा था। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के करीब 10 दिन के भीतर उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपए की किस्त आ गई।
निराकृत बताई शिकायतों की , अचानक होगी जांच
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हेल्पलाइन पर शिकायतों के निराकरण का आकलन सिर्फ इस आधार पर नहीं होगा कि कितनी शिकायतें बंद की गईं। ‘स्पेशल क्लोज्ड’ सहित निराकृत शिकायतों की रैंडम जांच कराई जाएगी। जांच में दर्ज जानकारी का वास्तविक स्थिति से मिलान होगा।
शिकायतकर्ताओं से फोन पर फीडबैक लेकर पूछा जाएगा कि समस्या का समाधान हुआ या नहीं। यदि बिना वास्तविक समाधान के शिकायत बंद की गई है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
हर महीने होगी समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा हर महीने होगी। लंबित शिकायतों, अधिक समय लेने वाले मामलों, ‘स्पेशल क्लोज्ड’ प्रकरणों और शिकायतकर्ताओं के फीडबैक पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्होंने बस्तर संभाग के जिलों में मिलने वाली शिकायतों की प्रकृति की भी जानकारी ली।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
