बिरहोर महिलाओं ने छेड़ा नशाबंदी का अभियान, भारी मात्रा में शराब जप्त

आबकारी विभाग की टीम ने की कार्रवाई

कोरबा 26 अप्रैल। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग भी अब शराब बनाने व बेचने के कारोबार से दूरियां बनाने लगे हैं और इसका विरोध करने लगे हैं। इसके लिए महिलाएं स्वयं सामने आने लगी है। ग्राम गुडरूमुड़ा के दो घरों में जब आबकारी विभाग की टीम ने दबिश दी, तब बिरहोर जनजाति की महिलाएं ने सहयोग देते हुए 22 लीटर शराब जब्त कराया और 1400 किलो महुआ लहान को भी नष्ट कर दिया।

अवैध शराब समेत अन्य मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त सौरभ बख्शी की अगुवाई में वृत्त प्रभारी जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कटघोरा क्षेत्र के ग्राम गुडरूमुड़ा के दो घरों में शराब बनाने की शिकायत विभाग को ग्रामीणों से मिल रही थी। जबकि गांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल बिरहोर समुदाय के लोगों ने इस अवैध कारोबार छोड़ दिया था। दो घरों में शराब बनाए जाने से गांव के माहौल पर बुरा असर पड़ रहा था। ग्रामीणों की समझाइश पर भी संबंधित परिवार के लोग विवाद करने लगते थे। इस पर कटघोरा वृत्त के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक आशीष उप्पल ने टीम गठित कर ग्राम रवाना किया। टीम ने गांव में रहने वाली कवली बाई यादव 67 वर्ष व शालिनी 23 वर्ष के घर दबिश दी। तब इसकी जानकारी मिलते ही गांव की अन्य महिलाओं भी काफी संख्या में मौके पर जा पहुंची। उनकी मदद से आबकारी अमले ने तलाशी अभियान शुरू किया।

इस दौरान दोनों घरों से 22 लीटर महुआ शराब के अलावा अलग-अलग बर्तनों में 1400 किलो महुआ लहान बरामद हुआ। टीम ने ग्रामीणों के सामने ही महुआ लहान को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही दोनों महिलाओं के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई उपरांत जेल दाखिल कराया।

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