बिजलीघरों की राख ने बढ़ायी मुश्किलें, बढ़ रहा प्रदूषण का दायरा

कोरबा 24 अपै्रल। कोरबा में संचालित विभिन्न पॉवर प्लांटो से निकालने वाली राख शहर वासियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। राख का सही ढंग से निष्पादन नहीं होने के कारण लोग काफी परेशान है। हवा के साथ उड़कर राख के लोगों के घरों में प्रवेश कर रहा है जिससे प्रदूषण का दायरा बढऩे के साथ ही लोगों की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। लाख शिकायतों के बाद भी पर्यावरण विभाग मूक दर्शक बनकर बैठा हुआ है।

कोरबा शहर में राख की समस्या कितनी विकराल हो गई है इस बात का अंदाजा लोगों के द्वारा आए दिन किए वाले विरोध प्रदर्शन से लगाया जा सकता है। पॉवर प्लांट से निकलने वाले राख का निष्पादन बेहतर से ढंग से नहीं किए जाने के कारण उसे जहां तहां फेंका जा रहा है जिसके कारण प्रदूषण का स्तर तो बढ़ ही रहा है वहीं लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हवा के साथ राख लोगों के घरों में प्रवेश कर रहा है जिससे आम जनता काफी परेशान है। राख की समस्या झेल रहे लोगों ने कई दफा कार्रवाई के लिए पर्यावरण विभाग से शिकायत की बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ यही वजह हैएकि बालको के शांति नगर में रहने वाले लोग पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यालय पहुंचे और वहां राख फेंककर अपना आक्रोश जताया। इस विरोध के जरिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बताने का प्रयास कियाएकि घरों में राख के प्रवेश करने से कितनी समस्याएं होती है।

इससे पहले पर्यावरण विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी से आक्रोशित लोग अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटने के पास पहुंचे और अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया। अपर कलेक्टर ने लोगों की समस्या को गंभीरता से सुना और उसके निराकरण को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया।

Spread the word

You may have missed