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R.O. No. 13952/23
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रायपुर। सरकारी दफ्तरों में लंबित शिकायतों के कारण परेशान होने वाले लोगों के लिए छत्तीसगढ़ की सीएम हेल्पलाइन 1076 राहत का माध्यम बन रही है। किसी गांव में खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने से 80 से अधिक परिवारों की बिजली बहाल हुई, तो कहीं प्रधानमंत्री आवास की किस्त मिलने से निर्माण कार्य आगे बढ़ा। एक अन्य मामले में नौ महीने से बंद पेंशन फिर शुरू हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अक्टूबर को हेल्पलाइन के कामकाज की समीक्षा करते हुए इन मामलों को सुना और अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चार महीने में दर्ज हुईं 2.31 लाख से ज्यादा शिकायतें

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 2,05,996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 25,854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण हुआ है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 शिकायतें आ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, निराकरण, फीडबैक और विभागवार प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलेक्टरों से भी चर्चा की।

ट्रांसफॉर्मर खराब होने से परेशान थे ग्रामीण

गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से करीब 80 से 85 परिवार बिजली संकट से जूझ रहे थे। स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाना चाहिए। एक शिकायत का सही समाधान कई परिवारों को राहत दे सकता है।

आवास की दूसरी किस्त के 55 हजार रुपये मिले

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के वीरेंद्र यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। इससे मकान निर्माण का काम प्रभावित हो रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। लगभग दस दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये पहुंच गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र हितग्राहियों को आवास योजना की किस्त समय पर मिले, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण निर्माण कार्य न रुके।

नौ महीने बाद शुरू हुई पेंशन

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने अपनी माताजी की पेंशन बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब नौ महीने से पेंशन नहीं मिलने के कारण परिवार को परेशानी हो रही थी। शिकायत पर संबंधित विभाग ने जांच और कार्रवाई की, जिसके बाद पेंशन फिर शुरू हुई तथा लंबित राशि का भुगतान भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जरूरतमंद लोगों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र हितग्राहियों को इसके लिए बार-बार परेशान न होना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

शिकायत बंद करने से पहले संतुष्टि जरूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर समस्याओं के समाधान का फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत का निराकरण केवल पोर्टल पर मामला बंद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नागरिक की समस्या वास्तव में दूर हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की नजर में सामान्य दिखने वाली समस्या भी किसी परिवार के लिए बड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता से सुनना और तय समय-सीमा में उसका समाधान करना आवश्यक है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।

शिकायतों के आंकड़ों से सुधरेगी सरकारी व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक ही तरह की शिकायतें बार-बार आने पर उनके मूल कारणों का पता लगाया जाए। विभागवार और जिलावार आंकड़ों का विश्लेषण कर नागरिक सेवाओं में सुधार किया जाए। उन्होंने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में हेल्पलाइन की पहुंच बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में 1076 का प्रचार-प्रसार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की जवाबदेही बढ़ाने और जनता का विश्वास मजबूत करने का माध्यम है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और जिला कलेक्टर शामिल हुए।

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