निगम के द्वारा निर्मित स्विमिंग पुल को सजाने का मामला : अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी द्वारा उड़ाई गई धारा 144 की जमकर धज्जियां – बद्री


कोरबा । युवा नेता बद्री अग्रवाल का कहना है कि एक तरह जहां कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू कर लोगों को इसका पालन करने के लिए कहा है तो वहीँ दूसरी तरफ नगर निगम कोरबा के कुछ कर्मचारी लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।ताजा मामला नगर निगम का है जहां किसी का लॉकडाउन के बीच अपना जन्मदिन की पार्टी मनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित स्विमिंग पूल को बेलून से सजाया गया साथ ही खाने से लेकर पूरी ब्यवस्था कर डाली गई। इस आयोजन में निगम के कुछ कर्मचारियों द्वारा शहर के कई लोगों को भी बुलाया गया था। शहर के कुछ लोगो को जब इस बारे में पता लगा तो मौके पर पहुंच फ़ोटो खीच वाट्सअप ग्रूप में डाल दिया गया। फिर क्या था लॉकडाउन का उल्लंघन का मामला सामने उजागर होता देख कार्यक्रम को यह पार्टी निरस्त करना पड़ा ।
अभाविप के पूर्व संयोजक युवा भाजपा नेता बद्री अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस समय पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा है। वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन लगा हुआ है। जिले में इस समय धारा 144 जारी है। साथ ही कोरबा जिला ऑरेंज जोन में है, इसके बावजूद कुछ रईसजादों को इससे कोई सरोकार नहीं है, तभी तो ऐसे लोग गाहे-बगाहे जहां अवसर मिला महफिल सजाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया शुक्रवार की रात टीपी नगर स्थित इंदिरा स्टेडियम के स्वीमिंग पुल में नजर आया। जहां स्वीमिंग पुल के प्रवेश द्वार से लेकर भीतरी भाग को गुब्बारों से डेकोरेट कर महफिल सजाई गई थी। बताया जा रहा है कि यह महफ़िल में नगर निगम कोरबा के एक अधिकारी का जन्मदिन पर उनके एक चहेते ठेकेदार द्वारा सजाई गई थी। सूत्रों के अनुसार महफ़िल में डीजे के साथ ही हर वो व्यवस्था थी, जो इस तरह की पार्टी में होती है, जो कि पूर्णरूप से अनुचित हैं जहाँ एक ओर कोई आम आदमी घर में ही रह कर लॉकडाउन का पालन कर रहे वही दूसरी ओर जिनके कंधो पर लॉकडाउन पालन करवाने की जिम्मेदारी है वही लोग लॉकडाउन का उलंघन कर रहे है, बिना निगम के अधिकारियों की सहमति के ये कार्य होना असंभव नही है शहर के बीचोबीच इतनी बड़ी लापरवाही किसने की और कैसे | इस पर नगर पालिक निगम के आयुक्त महोदय से मांग करता हूँ कि जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, ठेकेदार से पूछताछ किये बिना कार्यवाही करते हुए तत्काल FIR दर्ज करवाना चाहिये। जिससे भविष्य में भी इस तरह की सोच रखने वाले अधिकारी,कर्मचारी दोबारा गलती ना कर सकें।

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