जनता की आंखों में धूल झोंका न्यू कोरबा हास्पिटल प्रबंधन ने, चंद दिनों में 33 कर्मी आये हैं कोरोना पॉजिटिव, डाक्टरों ने किया डयूटी से इनकार

कोरबा 20 सितम्बर। एन. के. एच. यानि न्यू कोरबा हास्पिटल ने 17 से 23 सितम्बर 20 तक यानि सात दिन ओ.पी.डी.बंद रखने और ऑन लाईन निशुल्क डाक्टरी परामर्श देने की घोषणा की है। लेकिन यह घोषणा एक बड़ी सच्चाई पर पर्दा डालने और आम जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। इस निर्णय के पीछे की सच्चाई पर बड़ी चुतराई के साथ पर्दा डाल दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार असल में हाल ही में एन के एच जो लोगों का उपचार करने वाला संस्थान है, खुद ही बीमार हो गया है। पिछले दिनों यहां के 33 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। एन के एच कर्मियों में तेजी से फै लते संक्रमण के चलते यहां कार्यरत चिकित्सकों ने अस्पताल आने से इनकार कर दिया है। कहा तो यह भी जा रहा है कि यहां जो कर्मचारी अभी सेवाएं दे रहे हैं, वे भी केवल अपनी नौकरी गंवाने के भय से यह खतरा मोल ले रहे हैं। वर्ना एक भी व्यक्ति यहां ड्यूटी करने के पक्ष में नहीं है। अगर अस्पताल में डाक्टर और कर्मचारी नहीं आयेंगे, तो काम काज ठप्प हो जायेगा, इसलिए प्रबंधन ने चतुराई भरा रास्ता अपनाया और सात दिन ओ.पी.डी.बंद रखने की घोषणा कर दी।

यहां उल्लेखलीय है कि एन. के. एच. प्रबंधन ने यह तो स्वीकार किया है कि उसने अपने पूरे अमले का कोरोना टेस्ट कराया है और उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। लेकिन उसने अपने कोरोना पॉजिटिव कर्मियों की संख्या को छुपा लिया। इसी तरह डाक्टरों के ड्यूटी पर आने से इनकार करने के तथ्य पर भी पर्दा डाल दिया गया। कुल मिलाकर धंधा मंदा ना हो इसलिए सच्चाई पर पर्दा डालकर आम जनता की आंखों में धूल झोंकने में कोई कमी नहीं रखी गयी है।

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