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R.O. No. 13952/23
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से पेश किए गए पूरक चालान में कथित अवैध वसूली से जुड़ी एक और परत सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, कोयला परिवहन के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन पर भी 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली की व्यवस्था थी।

EOW के चालान के मुताबिक कोयला परिवहन में 25 रुपये प्रति टन की कथित लेवी वसूली जाती थी, जबकि पैलेट परिवहन के मामले में यह राशि 100 रुपये प्रति टन बताई गई है। जांच एजेंसी ने इस पूरे मामले में जब्त डायरियों, डिजिटल चैट, बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विवरण पेश किया है।

पैलेट उद्योगपतियों की बैठक और 100 रुपये प्रति टन का निर्देश

जांच एजेंसी के अनुसार, लौह अयस्क और पैलेट परिवहन के लिए अभिवहन पास की व्यवस्था लागू होने के दौरान पैलेट उद्योगपतियों की बैठक बुलाई गई थी। चालान में तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि उद्योगपतियों को सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को 100 रुपये प्रति टन देने के निर्देश दिए गए थे।

EOW का दावा है कि जब्त डायरियों में भी पैलेट उद्योग से कथित वसूली से संबंधित प्रविष्टियां मिली हैं। इस वसूली और संबंधित विभागीय कार्रवाई का विवरण पूरक चालान में शामिल किया गया है।

कोयला परिवहन में 25 रुपये प्रति टन की कथित लेवी

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से 25 रुपये प्रति टन की कथित अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी। 15 जुलाई 2020 के आदेश के बाद ऑनलाइन ई-परमिट जारी होने से पहले जिला खनिज अधिकारी का अनुमोदन अनिवार्य किए जाने और इसी व्यवस्था के जरिए कथित वसूली किए जाने का उल्लेख चालान में है।

डायरी और डिजिटल साक्ष्यों का हवाला

EOW ने जांच में जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेन-देन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों को अहम साक्ष्य बताया है। एजेंसी के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर कथित रकम के संग्रह, वितरण और जमीन, वाशरी सहित अन्य संपत्तियों में निवेश से जुड़े तथ्यों की जांच की गई।

12 आरोपियों की भूमिका का विवरण

पूरक चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा समेत 12 आरोपियों की कथित भूमिका का विवरण शामिल किया गया है।

जांच एजेंसी ने कुछ आरोपियों से जुड़े कथित नकद लेन-देन, संपत्ति निवेश और राजनीतिक गतिविधियों में रकम के इस्तेमाल से संबंधित तथ्य भी चालान में दर्ज किए हैं। मामले में आगे की विवेचना जारी रहने की बात भी सामने आई है।

नोट: चालान में दर्ज आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि या निर्दोषता का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है।

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