खनिज न्यास मद से सतरेंगा को संवारने की शिकायत पर केंद्रीय खान मंत्रालय ने अवर सचिव को लिखा पत्र

कोरबा 29 नवम्बर। कोरबा जिले में खनिज न्यास मद का जमकर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा हैं, आरोप हैं की जहां राशि खर्च करनी थी उससे दीगर कार्यों में अनाप-शनाप खर्च किया गया। पर्यटन स्थल सतरेंगा को विकसित करने खनिज न्यास मद से करोड़ों रूपये खर्च किए गए हैं, जबकि सतरंगा अप्रत्यक्ष रूप से भी प्रभावित नहीं है।

उक्त मामले में इंवायरमेंट एक्टिविटिस्ट ने केंद्रीय खान मंत्रालय से मामले की शिकायत की थी। जिस पर केंद्रीय खान मंत्रालय के अवर सचिव ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिख आरोप लगाया है। उनके द्वारा किए गए शिकायत में उल्लेख किया गया था कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र दिशा निर्देशों और 2015 में बनाए गए राज्य नियमों में प्रभावित क्षेत्रों की स्पष्ट परिभाषाएं थी, लेकिन संचालन में आसानी और मनमाने खर्च के लिए डीएमएफटी ने ऐसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित नहीं किया। पूरे जिले को ही प्रभावित माना गया इससे उन क्षेत्रों में अनियमित निधि खर्च हुई जो न तो प्रत्यक्ष और न तो अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हैं। सतरेंगा एक पर्यटन स्थल है जिसे संवारने के नाम पर भारी-भरकम राशि खनिज न्यास मद से खर्च की गई। सतरेंगा प्रभावित क्षेत्र नहीं है। इसके अलावा सतरेंगा पर्यटन बोर्ड के अधीन है जो स्वयं राजस्व उत्पन्न करने वाली इकाई है। पर्यटक होटल, रिसार्ट, बोटिंग आदि का वाणिज्यिक संचालन करती है। वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों की घोर उपेक्षा की गई है।

आरोप लगाते हुए बताया गया हैं की कोयला क्षेत्र में लगभग 43 प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्राम है लेकिन उन्हें आदर्श ग्राम बनाने के लिए 6 साल किए गए वादों के अलावा कुछ नहीं किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामो में प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित परिवारों की अनदेखी की गई है। शिकायत में कहा गया है कि 2015 और अब 2024 के पीएमकेकेवाई दिशा-निर्देशों में कुछ भी उल्लेख न होने के कारण राज्य सरकार ने कोरबा डीएमएफ के डीएमएफटी फंड को बिना किसी जरूरी कारण के जांजगीर-चांपा, बिलासपुर जैसे निकटवर्ती जिलों में वितरित कर दिया। यदि कोरबा जिले में फंड को खर्च किया जाता तो प्रभावित लोगों व समुदाय का उत्थान होता। मामले में मंत्रालय अवर सचिव ने मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ को पत्र का हवाला देते हुए मामले में पीएमकेकेवाई दिशा-निर्देशों के अनुसार उचित कार्यवाही करने कहा है।

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