
कोरबा 23 अगस्त। कोरबा के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमले के कारण लोगों के घायल होने का दौर जारी है। जिले के अंतिम छोर पर बसे पसान ईलाके के ग्राम कोईलारगडरा में तीन भालुओं के हमले में दो महिलाएं गंभीर रुप से घायल हो गई हैं जिन्हें 108 संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से पोड़ी.उपरोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। पौड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के पसान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोईलारगडरा में यह घटना हुई।
जानकारी के अनुसार खेत में रोजी मजदूरी कर दो महिलाएं बिराजो बाई पति पुराण साय धनुहार 63 और लक्षमानिया बाई पति बिहानुराम धनुहार 52 वर्ष देर शाम अपने घर लौट रही थी। जंगली रास्त होने के कारण उनका सामना तीन मादा भालुओं से हो गया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद महिलाओं ने हार नही मानी और काफी देर तक भालुओं का सामना किया। ग्रामीण महिलाओं को अपने ऊपर हावी होते देख मजबूर भालू मौके से भाग गए लेकिन घटनाक्रम में दोनों महिलाए बुरी तरह घायल हो गई। लहूलुहान हालत में यह महिलाएं घर पहुंची और परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। जिसके बाद मदद के लिए 108 संजीवनी एक्सप्रेस को मौके पर बुलाया गया। जिसके बाद दोनों पीडि़तों को पोड़ी.उपरोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य में भर्ती किया गया जहां उसका उपचार जारी है। वन विभाग के द्वारा घटना की जानकारी होने पर पीडि़त महिलाओं की स्थिति का जायजा लिया गया और उनके परिजनों को सामान्य सहायता के अंतर्गत पांच 500 की राशि उपलब्ध कराई गई। प्रावधान के तहत इस प्रकार की घटनाओं में पीडि़तों के उपचार पर होने वाले समस्त खर्चों का निर्वहन वन विभाग खुद करता है।
कोरबा और कटघोरा हवन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में वन प्राणियों के हिंसक हमले लगातार जारी है और उनकी बड़ी कीमत उसे इलाके के ग्रामीण लोगों को चुकानी पड़ रही है, जो जरूरी कार्यों से जंगल जाया करते हैं। ग्रामीणों को अपने कार्यों के सिलसिले में जंगलों पर निर्भर होना पड़ रहा है और ऐसे में वे जंगली जानवरों का टारगेट बनने को मजबूर है। अलग-अलग तरीके से ऐसी घटनाओं को रोकने के दावे भले ही किया जा रहे हैं लेकिन इनका कोई असर नहीं हो पा रहा है।

