
कोरबा 6 मार्च। दीपका कोयला खदान में पत्थर गिरने से हुई एक कर्मी की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई है। डिप्टी डायरेक्टर माइंस आफ सेफ्टी डीडीएमएस, इंटरनल सेफ्टी आर्गेनाइजेशन आईएसओ के साथ श्रमिक संघ व आफिसर्स एसोसियेशन की सेफ्टी कमेटी के सदस्यों ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य में लापरवाही बरतना उजागर हुआ। टीम अपनी रिपोर्ट मुख्यालय में सौंपेगी।
साउथ इस्टर्न कोलफि ल्ड्स लिमिटेड एसईसीएल की दीपका खदान में गुरूवार की सुबह केबल हटाते वक्त केबलमैन गजपाल सिंह 56 वर्ष के सिर पर सावेल के बाकेट से एक भारी भरकम पत्थर गिर गया। घटना में गंभीर रूप से चोट लगने से उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर बिलासपुर से डीडीएमएस के राजेश्वर राज, आईएसओ के डी दास पहले दीपका खदान पहुंचे और स्थल निरीक्षण करने के साथ ही शिफ्ट इंचार्ज, सावेल आपरेटर व अन्य लोगों से जानकारी ली। इसके साथ ही श्रमिक संघ की सेफ्टी कमेटी में बीएमएस से संजय सिंह, लक्ष्मण चंद्रा, अशोक सूर्यवंशी, एटक से डी धर्माराव व अफ सर एसोसियेशन के सेफ्टी कमेटी सदस्य ने भी शुक्रवार को स्थल का निरीक्षण किया और संबंधितों से चर्चा की। बताया जा रहा है कि टीम ने सुरक्षा की अनदेखी करने से घटना होना पाया। सावेल के पास सुरक्षात्मक ढंग से काम किया जाना था, पर ऐसा नहीं हुआ और कर्मी को जान गंवानी पड़ी। हालांकि टीम ने अभी स्पष्ट रूप से कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है, पर टीम ने मामले की रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करने की बात कही। टीम इतना अवश्य कहा कि शून्य दुर्घटना का लक्ष्य लेकर प्रबंधन कार्य करने कहता है, पर उत्पादन बढ़ा कर लक्ष्य हासिल करने के दबाव बना हुआ और इसका असर कामकाज पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि दुर्घटनाएं बढ़ रही है। बहरहाल में प्रबंधन ने विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी भी कर्मी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया है।

