अवैध रेत खनन व परिवहन से लेकर अवैध वसूली जोरों पर


कोरबा। जिले में रेत माफियाओं की सक्रियता बढ़ गई है। खनिज विभाग द्वारा खनिज का अवैध उत्खनन व परिवहन की रोकथाम के लिए निरंतर कार्यवाही के अभाव में लगातार रेत चोरी का गोरखधंधा फल-फूल रहा है। इतना ही नहीं नियंत्रण के अभाव में रेत के नाम पर अवैध वसूली भी जारी है, जिसकी शिकायत पूर्व गृहमंत्री व रामपुर विधायक ननकीराम कंवर भी कर चुके हैं, लेकिन कोई परिणाम अब तक नहीं आया है।
सूचनाओं के मुताबिक वर्तमान में जिले के मानिकपुर घमोटा और बांगो को छोड़कर लगभग सभी रेत घाट चालू अवस्था में हैं, लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा की शासन के नियंत्रण में संचालित सभी रेत घाटो में शासकीय दर से लगभग दुगनी राशि रेत ठेकेदारों द्वारा वसूली जा रही है। 3 घन मीटर रेत रॉयल्टी एवं लोडिंग सहित लगभग 483 रुपए निर्धारित है, वहीं ठेकेदारों द्वारा 650-900 रुपए रॉयल्टी और लोडिंग के नाम अलग से वसूला जा रहा है। बकायदा एक रॉयल्टी में 300 एवं लोडिंग अतिरिक्त लेकर दो गाड़ी रेत निकालने की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है। खनिज संसाधनों की खुली लूट के बारे में सब कुछ जान कर भी खनिज अधिकारी, खनिज निरीक्षक और उनका मैदानी अमला अपेक्षाकृत सख्त नहीं है।
रेत तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं की भिलाईखुर्द स्थित एसईसीएल के डंपिंग यार्ड के निकट तस्करों ने ऐसा कहर बरपाया है कि, एसईसीएल की डंपिंग यार्ड का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। रेत तस्करों ने डंपिंग यार्ड की मिट्टी को खोदकर नीचे दबी हसदेव की रेत की खुदाई कर दी है। इसके लिए पोकलेन, जेसीबी और हाईवा जैसी बड़ी गाड़ियों का उपयोग भी तस्करों ने किया है। डंपिंग यार्ड से ऊपर की मिट्टी हटाकर लगभग 10 से 30 फीट का गड्ढा कर दिया है और ओवरबर्डन की नीचे की रेत बड़ी मात्रा में निकाली गई है जिसके बाद एसईसीएल डंपिंग यार्ड का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। डंपिंग यार्ड के बीच बड़ी मात्रा में जल भराव हो जाने से बारिश में हसदेव मुख्य नहर और मानिकपुर खदान को बड़ा नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर यह डंपिंग एरिया आने वाली बारिश में धसक गया या बह गया तो कोरबा सड़क मार्ग बाधित हो सकता है। स्थानीय लोगों की मानें तो कोरोना लॉकडाउन के बीच शहर के एक बड़े रेत तस्कर ने हाईवा, पोकलेन और जेसीबी मशीन लगाकर यहां से अवैध रेत उत्खनन किया है जिसकी जानकारी सभी जिम्मेदार अधिकारियों को भी है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
0 बिना नंबर वाले ट्रैक्टरों से ढोई जा रही रेत
नगर सहित उप नगरीय इलाकों में नदी घाटों से अवैधानिक तरीके से रेत का खनन और परिवहन में बिना नंबर वाले ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। हाल फिलहाल ऐसे कुछ वाहनों की धरपकड़ भी की गई और मामला पुलिस ने अग्रिम कार्यवाही के लिए खनिज विभाग को सौंप दिया है। उचित और त्वरित कार्यवाही के अभाव में रेत तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

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