
कोरबा 28 अपै्रल। सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना दीपका खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने एसईसीएल कर्मियों एवं स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर भू-विस्थापित ग्राम चौनपुर में ग्रामीणों को अवैध कोयला खनन और अनाधिकृत परिवहन के खिलाफ जागरूक किया।
उक्त अभियान के तहत टीम ने ग्राम सरपंच विनोद टिकम से मुलाकात कर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की। इस दौरान उपस्थित लोगों को अवैध कोयला खनन एवं कोयले के अनधिकृत परिवहन से जुड़े गंभीर कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एसईसीएल दीपका क्षेत्र से संबंधित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल होना दंडनीय अपराध है, जिसके तहत सख्त कार्यवाही का प्रावधान हैं। सीआईएसएफ अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में आकर अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और क्षेत्र में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल सुरक्षा बलों या प्रशासन को दें। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के अपराध न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ग्राम सरपंच विनोद टिकम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान ग्रामीणों में कानूनी जानकारी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम के लोग सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग करेंगे और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उल्लेखनीय है कि सीआईएसएफ द्वारा समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाकर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है। यह अभियान भी अवैध खनन और कोयला परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

