बिना योग्यता के बने अधिकारी , ऐसी है नगर निगम कोरबा में अफसरों की साझेदारी 0 सहायक राजस्व अधिकारी ने फोड़ा लेटर बम

कोरबा। नगर निगम कोरबा में पदस्थापना, पदोन्नति व अधिकारियों की योग्यता पर सवाल उठना लाजमी है। एक जानकारी के मुताबिक 1997 के पूर्व तक निगम में सेवा देने वाले संविदा कर्मियों को नियमित किया गया, इसमे में भी निगम के चाल बाज अफसरों ने खूब चालबाजी की और अपने अपने लोगो को फर्जी तरीके से पदोन्नत कर दिया। इस बात का खुलासा जब निगम के अधिकारी ही कर रहे हो तो मामला कितना गंभीर है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
नियम कायदों की दुहाई देकर आम लोगो की जेब ढीली करने वाले निगम के अधिकारी खुद दागदार साबित हो रहे है। जिस सर्टिफिकेट के सहारे संविदा कर्मचारी से अधिकारी बने है उस पर उंगली उठना शुरू हो गया है।नगर कोरबा में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी ओंकार साहू ने आयुक्त को शिकायत के निगम के सारे बड़े अधिकारियों की पोल खोल दी है। उन्होंने शिकायत पत्र में लिखा है कि 1996 में फर्जी रसीद बुक आखिरकार किसने छपवाया था और पीआर मिश्रा बिना अकाउंटेंट की डिग्री कैसे लेखाधिकारी बने गए। श्री साहू के लेटर बम से एक बार फिर निगम अधिकारियों के साख पर बट्टा लगा है।
ऑनलाइन शिकायत -साहू
नगर निगम कोरबा में कार्यरत सहायक राजस्व अधिकारी ओंकार साहू ने बताया कि नगर निगम कोरबा में चल रहे अफसरों के साझेदारी से न सर्फ शासन को क्षति हुई है बल्कि अपात्र लोगो के हाथों में निगम की बागडोर चली गई है ।पूर्व में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण में जमकर फ़र्राशाही हुई है। इस बात की शिकायत ऑनलाइन के माध्यम से आयुक्त व क्राइम ब्रांच को की गई है। उन्होंने कहा है कि शिकायत पत्र के आधार पर सभी अधिकारियों की जांच की जाए तो कई चौकाने वाला तथ्य सामने आएंगे।
हम इस शिकायत पत्र के आरोपों की सच्चाई की पुष्टि नहीं करते, लेकिन जिस यकीन के साथ खुली शिकायत की गई है उसे देखते हुए जनहित में मामले की जांच का समर्थन करते हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके भी यथावत प्रकाशन करने प्रतिबद्ध हैं।
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