बिना अनुमति जैतखाम उखाडने से बढ़ी नाराजगी, ग्रामीण ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी

कोरबा 28 नवंबर। घर पर स्थित जैतखाम को एसईसीएल प्रबंधन एवं कालिंगा कंपनी द्वारा उखाडकर फेके जाने की शिकायत करते हुए कार्यवाही को लेकर कलेक्टर से आग्रह किया गया है।हरदीबाजार निवासी श्याम लाल सतनामी ने बताया कि ग्राम पंचायत अमगांव के जोकाही डबरी मोहल्ले में उसका मकान स्थित था तथा घर के बाहर उसके द्वारा जैतखाम की विधि विधान से स्थापना की गई थी, जहां पर मोहल्ले भर के सतनामी समाज के लोगों द्वारा पूजा-अर्चना किया जाता था।

एसईसीएल गेवरा द्वारा उक्त मोहल्ला का अर्जन कर लिया गया है, जिसके कारण उन्हें वहां से विस्थापित होना पड़ा। श्यामलाल ने एसईसीएल गेवरा को 29 जुलाई को पत्र देकर विधि विधान से जैतखाम को विस्थापित करने हेतु तथा जैतखाम का मुआवजा राशि दिलाने की मांग किया था, किन्तु प्रबंधन द्वारा आवेदन पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। ग्रामीण ने शिकायत में बताया कि कुछ दिनों पूर्व एसईसीएल दीपका के प्रबंधक मनोज कुमार, कलिंगा, कंपनी के जीएम विकास दुबे, एसईसीएल कर्मचारी अनिल पाटले द्वारा जैतखाम को सहमति व जानकारी के बगैर उखाडकर अन्यत्र कहीं ले जाया गया है। श्यामलाल ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि उसके घर पर स्थित जैत खाम को उसकी उपस्थिति और रजामंदी के बिना उखाड़ लेने की शिकायत दर्ज कर संबंधित व्यक्तियों पर कानून कार्यवाही की जाए और उसका मुआवजा प्रदान किया जाए। श्यामलाल सतनामी ने कहा है कि यदि मांगो पर एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही नही की जाती है तो उक्त स्थल में जैतखाम स्थापित कर धरना में बैठने के लिए विवश होगा।

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