
कोरबा 01 दिसम्बर। एसईसीएल की खदानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर केवल उत्पादन बढ़ाए जाने पर ही जोर दिया जा रहा है। गेवरा के बाद अब कुसमुंडा खदान में सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान कोयला काटने की सरफेस माइनर मशीन में आग लग गई और कंपनी को 3.65 करोड़ रूपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) की खदानों में इन दिनों सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जा रहा है, पर सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान ही मेगा परियोजनाओं में लगातार दुर्घटनाएं होते जा रही है। कोयला उत्पादन बढाने के दबाव में प्रबंधन सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी कर रहा है। कर्मचारी जान जोखिम में डाल कर प्रबंधन के दबाव में काम कर रहे है। गेवरा खदान में लगातार दुर्घटन होने के बाद अब सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान ही दूसरी मेगा परियोजना गेवरा में सरफेस माइनर मशीन में आग लग गई।
बताया जा रहा है कि बुधवार को द्वितीय पाली (शिफ्ट) में कोयला कटिंग कार्य में लगी सरफेस माइनर मशीन एलएनटी नंबर 49 को आपरेटर रामखिलावन (वोल्टास कंपनी) लेकर खदान में कार्य कर रहा था, तभी अचानक मशीन में आग लग गई। आपरेटर कुछ समझ पाता, इसके पहले ही आग ने मशीन को पूरी तरह अपने काबू में ले लिया। आपरेटर ने मशीन से कूद कर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों व दमकल को दी गई, पर जब तक दमकल स्थल पर पहुंचती, तब तक मशीन पूरी तरह जल चुकी थी। जानकारी मिलते ही शिफ्ट इंचार्ज समेत अन्य अधिकारी स्थल पर पहुंचे और मशीन का जायजा लिया।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में इस मशीन की कमीशनिंग कर खदान में कार्य करने के लिए उतारा गया था और अभी तीन वर्ष भी नहीं बीते थे कि मशीन में आग लग गई। मशीन की कीमत लगभग तीन करोड़ 65 लाख रूपये बताई जा रही है। मामले में प्रबंधन ने विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। वहीं घटना की सूचना डिप्टी डायरेक्टर माइंस आफ सेफ्टी (डीडीएमएस) व इंटरनेल सेफ्टी आग्रेनाइजेशन (आइएसओ) को दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को डीडीएमएस की टीम निरीक्षण करने कुसमुंडा आ सकती है।

