कर वसूली से जजिया टैक्स की यादें ताजा: विनोद सिन्हा

कोरबा 27 फरवरी। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने जारी बयान में कहा है कि तीन साल की परीवीक्षाअवधि में नियमित कर्मचारियों से कर वसूली ने जजिया टैक्स की यादें ताजा कर दी है।

सिन्हा ने बताया कि प्रदेश सरकार नवनियुक्त कर्मचारियों से पहले वर्ष तय वेतन में 30 फीसदी, दूसरे वर्ष में 20 फीसदी व तीसरे साल में 10 फीसदी की कटौती कर टैक्स वसूला जा रहा है। इससे कर्मचारियों में असंतोष है। कर्मचारियों के किसी यूनियन से जुड़े नहीं रहने का लाभ प्रदेश सरकार उठा रही है। कर्मचारी यूनियनों को सामने आकर इसका विरोध करना चाहिए और नवनियुक्त कर्मचारियों से जजिया टैक्स जैसी वसूली पर रोक लगाने की मांग की जानी चाहिए।

Spread the word

You may have missed