कोरबा 21 मई। कुसमुंडा खदान जब से खुली है विस्थापितों को नौकरी के नाम पर छल करते हुए कपटपूर्ण कूटरचना एवं षड्यंत्र रचकर ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ते हुए तारीख पे तारीख दिया जा रहा है। परेशान लोगों ने अब आधी रात को खदान बंद करने की चेतावनी दी है जिसकी शुरुआत आज से होगी। भूविस्थापितों का कहना है समस्याओं का निराकरण कभी 30 दिनों के भीतर तो कभी 15 दिनों और कभी 10 दिनों में करने की बात अधिकारियों द्वारा की जाती है।

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