मोदी सरकार का बड़ा निर्णय : 40 लाख औद्योगिक कामगारों को राहत, तीन महीने तक मिलेगा आधा वेतन

नई दिल्ली : कोरोना महामारी पूरे देश के लिए घातक बनी हुई है। कोरोना का संक्रमण तेजी से देश फैलता गया और देश में लॉक-डाउन लगाया गया था। जिससे लोंगो को बहुत से कठनाई का सामना करना पड़ा. दूसरे राज्य में काम कर रहे मजदुर लोंगो पर भी प्रभाव पड़ा, कोरोना संकट में बेरोजगार हुए औद्योगिक कामगारों के लिए सरकार ने बहुत ही अच्छी पहल लेकर आई है।

कर्मचारियों को उनके पिछले तीन महीने के वेतन के औसत के करीब 50 फीसदी तक की रकम अनएम्प्लॉयमेंट बेनिफिट के रूप में दी जाएगी। यह निर्णय से करीब 40 लाख कामगारों को फायदा हो सकता है।

सरकार ने नियमों को लचीला बनाते हुए यह तय किया है कि कोरोना संकट में नौकरी से हाथ धो बैठे लोंग औद्योगिक कामगारों को उनके तीन महीने के वेतन का आधा यानी 50 फीसदी तक अनएम्प्लॉयमेंट बेनिफिट के रूप में दिया जाए, यह फायदा उन कामगारों को मिलेगा जिनकी इस साल 24 मार्च से 31 दिसंबर तक नौकरी चली गई हो।

ESIC की बैठक में प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव गुरुवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की बैठक में रखा गया था। ESIC श्रम मंत्रालय के तहत आने वाला एक संगठन है जो 21,000 रुपये तक के कर्मचारियों को ESI स्कीम के तहत बीमा मुहैया करती है। ESIC के बोर्ड की सदस्य अमरजीत कौर ने बताया, ‘इस कदम से ESIC के तहत बीमित योग्य व्यक्तियों को उनके तीन महीने तक उनके वेतन के 50 फीसदी तक रकम नकद सहायता के रूप में दी जाएगी।

कैसे​ मिलेगा फायदा?

ESIC अपने डेटा के मुताबिक बेरोजगार कामगारों को यह फायदा देगा, लेकिन इसके लिए कर्मचारी किसी ESIC शाखा में जाकर सीधे भी आवेदन कर सकते हैं और उचित वेरिफिकेशन के बाद उनके बैंक खाते में सीधे रकम पहुंच जाएगी। इसके लिए आधार नंबर की भी सहायता ली जाएगी। गौरतलब है कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार कोरोना संकट की वजह से करीब 1.9 करोड़ लोग नौकरियां गंवा चुके हैं. सिर्फ जुलाई महीने में ही 50 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं. हालांकि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार, जून महीने में 4.98 लाख लोग औपचारिक कार्यबल से जुड़े हैं।

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