कोरबा 09 मई। मालिक के परिवार से नजदीकियां बढ़ाते हुए और सारी जानकारी रखने वाली नौकरानी ने अपने भाई के साथ मिलकर षडय़ंत्र रचा। बुरे वक्त में मालिक का साथ देने की बजाय दोनों ने मिल कर संपत्ति हड़पने का काम किया। पुलिस ने बहन-भाई के विरूद्ध अपराध दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक मामला कोतवाली थाना अंतर्गत पुरानी बस्ती का है। यहां के रहने वाले मो. शाबिर पिता जिकर शेखा की नेहरू काम्पलेक्स टीपी नगर में बी/5 क्रमांक की दुकान हैं, जिसे वर्ष 2016 में डीसी कुलकर्णी पिता स्व. आरसी कुलकर्णी से 6 लाख रुपए में खरीदा था। उक्त दुकान ताज ट्रेडर्स के नाम से संचालित है। दुकान खरीदने के बाद रजिस्ट्री और निगम के अभिलेखों में नामांतरण शेष था जिसे कुलकर्णी के द्वारा बाद में करा लेने का आश्वासन दिया गया था किंतु दुकान पर मो. शाबिर काबिज रहा। इस दुकान में नसीमा अफरोज काम करती थी। 21 अप्रैल 2021 को मो. शाबिर कोरोना पॉजीटिव होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया और पत्नी श्रीमती नमीरा बानो भी पॉजीटिव हो गई। इस बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान शाबिर ने पत्नी को बताया था कि उक्त दुकान का मूल पेपर और दस्तावेज डीसी कुलकर्णी ने दे दिया है और उसी दस्तावेज के साथ अन्य संपत्ति में उरगा में स्थित जमीन का दस्तावेज भी शामिल हैं। सभी दस्तावेज उक्त दुकान में रखे हुए हैं। कोरोना संक्रमित होने के दौरान शाबिर का पुत्र अदनान दुकान संभालता रहा। इस बीच 26 अप्रैल को शाबिर की मौत हो गई जिससे पत्नी नमीरा काफी दिन सदमे में रही। बाद में हालात सामान्य होने पर नमीरा को पता चला कि दुकान में काम करने वाली नसीमा अफरोज पिता शहादत हुसैन ने संपत्ति के मूल दस्तावेजों को गायब कर षडय़ंत्र पूर्वक झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर खुद को स्व. शाबिर शेख का एकमात्र वारिस बता कर ग्राम सेमीपाली उरगा स्थित खसरा नंबर 237/2 की रकबा 0.210 हेक्टेयर भूमि को अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लिया। इसमें नसीमा का भाई सद्दाम हुसैन गवाह बना।

इसी तरह टीपी नगर स्थित दुकान को भी नसीमा और सद्दाम ने हड़पने की नीयत से पॉवर ऑफ अटार्नी बनवाया जिसकी जानकारी डीसी कुलकर्णी और बीपी साहू को है। इसके बाद सद्दाम ने बहन नसीमा अफरोज के नाम पर बिक्री इकरारनामा बनवा कर नसीमा अफरोज के नाम नामांतरण के लिए नगर निगम में आवेदन लगा दिया है जो लंबित है। षडय़ंत्र और छल का शिकार हुई नमीरा बानो ने इसकी शिकायत कोतवाली में करते हुए बताया कि उसके 4 बच्चे हैं और वह पति की मृत्यु उपरांत वारिस है। पीडि़ता की शिकायत और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक विवेचना उपरांत पुलिस ने नसीमा अफरोज उर्फ शब्बी व सद्दाम हुसैन के विरूद्ध धारा 120 बी, 420 भादवि के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

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