बिना लक्षण व कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों का होगा घर पर ही इलाज..3 BHK घर की अनिवार्यता खत्म

कोरबा 07 सितंबर 2020. बिना लक्षण व कम लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को घर पर ही इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रत्येक होम आईसोलेटेड मरीज के घर के बाहर निर्धारित प्रारूप में लाल रंग का स्टीकर चस्पा किया जाएगा। इस स्टीकर में होम आईसोलेशन की अवधि, मरीज का नाम, पता तथा परिवार में कुल सदस्यों की संख्या अंकित रहेगा। होम आईसोलेशन के लिए दिशा-निर्देश में अब मरीजों के लिए तीन बीएचके घर की अनिवार्यता को खत्म कर दी गई है। कोरोना संक्रमित मरीजों के होम आईसोलेशन के लिए घर में हवादार कमरा और अलग शौचालय होना अनिवार्य होगा। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय ना हो तो उनका इलाज कोविड केयर संेटर में किया जाएगा। जन शौचालय का उपयोग करने वाले परिवारों को होम आईसोलेशन की सुविधा नही मिल सकेगी। होम आईसोलेशन के लिए उपयुक्त पाए गए मरीज को होम आईसोलेशन में उपचार के लिए दवाईयों का एक किट प्रदान किया जाएगा। होम आईसोलेशन की अनुमति देने के पूर्व मरीज के होम आईसोलेशन की पात्रता के संबंध में जिला स्तरीय समिति द्वारा आंकलन किया जाएगा।
होम आईसोलेशन की 17 दिनों की अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन आईसोलेटेड मरीजों के अटेंडेंट से फोन के माध्यम से सम्पर्क में रहेंगे। मरीज में सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना, आॅल्टर्ड सेंसोरियम जैसे गंभीर लक्षण होने पर सूचना तत्काल कंट्रोल रूम दूरभाष के माध्यम से देना होगा। ऐसे सभी गंभीर मरीजों के प्रबंधन एवं समन्वय के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है। गंभीर मरीज की सूचना प्राप्त होने पर रैपिड एक्शन टीम मरीज को कोविड केयर सेंटर या कोविड अस्पताल आबंटित करेगा जहां मरीज अपने अटेंडेंट के साथ स्वयं के वाहन से जा सकेगा। होम आईसोलेशन के संबंध में मरीज के परिजनों और पड़ोसियों की समुचित काउंसिलिंग की जाएगी जिससे आईसोलेशन की अवधि में मरीज से उचित दूरी बनाते हुए उनका मनोबल बनाए रखने में सहयोग कर सकेंगे। होम आईसोलेशन मे रह रहे मरीज के परिजन घर से बाहर नहीं जाएंगे तथा दैनिक वस्तुओं की उपलब्धता के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों या पड़ोसियों से अनुरोध करके जरूरत की चीजों की खरीददारी कर उनके दरवाजे पर रख देने का अनुरोध करेंगे। परिवार के सदस्य होम डिलीवरी के माध्यम से भी आवश्यक सामान खरीद सकेंगे। होम आईसोलेटेड मरीजों द्वारा आईसोलेशन प्रोटोकाॅल के किसी भी निर्देश की अवहेलना किए जाने पर उनके विरूद्ध एपीडेमिक एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।

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