एसआईआर प्रक्रिया के बाद 1500 लोगों के नाम सूची से विलोपित, मची हडकंप

सोशल साइट पर वायरल हुई सूची, प्रशासन ने कहा- मामला संज्ञान में

कोरबा। स्पेशल इंसेंटिव रिलिजन (एसआईआर) की प्रारंभिक प्रक्रिया किसी तरह पूरी हुई। वार्ड स्तर पर बीएलओ के भ्रमण से लेकर कुछ मामलों में लोगों के सामने भी चक्कर काटने की समस्याएं आई। आखिरकार यह प्रक्रिया ले-देकर संपन्न हुई। समयसीमा में दो बर बढ़ोत्तरी के साथ लोगों की चिंता खत्म हुई कि अब झंझट दूर हुई। अगली कड़ी में नोटिस ने उन्हें परेशान किया। कोरबा जिले के शहरी क्षेत्र में नया मसला ये है कि लगभग 1500 लोगों के नाम सूची से विलोपित करने के लिए आवेदन दिए गए हैं। उनमें से दो फीसदी अन्य हैं और बाकी अल्पसंख्यक समुदाय के। यह जानकारी होने पर संबंधितों में बेचैनी बढ़ी हुई है कि उनका नाम विलोपित क्यों हुआ।

55 पेज में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं। सूची का अवलोकन करने पर पता चलता है कि ज्यादातर नाम शहरी और कुछ नाम ग्रामीण हिस्से से वास्ता रखते हैं। इनमें भी 98 फीसदी नाम अल्पसंख्यक केटेगरी में आने वाले खास लोगों के हैं। ऐसे नामों को सूची से हटाने के लिए फार्म-7 में आवेदन किया गया है। अलग-अलग क्षेत्र से इस तरह के फार्म जमा कराए जाने का दावा किया गया है। हालांकि इसकी प्रमाणिकता का आधार स्पष्ट नीं हुआ है। सूची से पता चलता है कि जिन नामों को शामिल किया गया है वे अधिकांशत: अल्पसंख्यक संवर्ग में आते हैं। ऐसे नामों को मतदाता सूची से विलोपित किए जाने के लिए अलग-अलग कॉलम में चीजें वर्णित की गई है। यथानुसार संबंधित व्यक्ति का इस क्षेत्र में रहना नहीं है। इस पते पर उसका निवास नहीं है। वह अन्य क्षेत्र का है अथवा बहुत समय पहले यहां से जा चुका है और यह भी कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में वह इस इलाके का मतदाता था ही नहीं। इस तरह के तथ्यों के साथ आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। यह सूची सोशल साइट के कई प्लेटफार्म पर वायरल हो रही है। लोगों का ध्यान जब इस तरफ गया तो एक-दूसरे से होकर चीजें साझा हुई। संबंधितों ने एक-दूसरे से इस बारे में पूछताछ की।

खबर के अनुसार इस विषय की सत्यता और बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से विलोपित करने की खबर से परेशान होकर कुछ लोगों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। एडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जो चीजें वायरल हो रही है और जो जानकारी हमारे पास आई है उससे चिंता होना स्वाभाविक है इसलिए आशंकाओं को दूर किया जाए और पूरे मामले की जांच की जाए।

जांच-पड़ताल होगी प्रक्रिया से
बड़ी संख्या में लोगों के नाम विलोपित किए जाने को लेकर सूची सोशल मीडिया पर वायरल है और ये विषय प्रशासन के संज्ञान में आया है। निश्चित रूप से प्रावधान के तहत हम ऐसे सभी आवेदनों की जांच-पड़ताल करेंगे। इसकी सत्यता का पता लगाया जाएगा। तथ्यों के साथ ही ऐसे मामलों में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। पात्र लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं।
-सरोज महिलांगे, एसडीएम कोरबा

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